ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदले सामूहिक फांसी टलने के बाद नरम पड़ा अमेरिका, दखल से पीछे हटने के दिए संकेत

ईरान को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के रुख में अचानक नरमी देखने को मिली है। ट्रंप ने ईरान की सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की प्रस्तावित सामूहिक फांसी रद्द किए जाने पर सार्वजनिक रूप से आभार जताया है। इसे उन्होंने एक “सकारात्मक और अहम कदम” बताया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार जारी हैं और वहां की सुरक्षा कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि उन्हें इस बात का सम्मान है कि ईरान में प्रस्तावित सभी फांसियों को रद्द कर दिया गया है। उनके अनुसार, करीब 800 लोगों को फांसी दिए जाने की योजना थी, जिसे अब टाल दिया गया है।
ट्रंप ने संकेत दिए कि इसी फैसले ने अमेरिका के रुख को प्रभावित किया है।

ईरान में जारी हैं बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

ईरान में कई हफ्तों से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन सरकार के खिलाफ माने जा रहे हैं और इन्हें 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती बताया जा रहा है। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं।

हिंसा में कमी का ट्रंप का दावा

इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि ईरान में प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में कमी के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि फिलहाल बड़े स्तर पर फांसी दिए जाने की कोई योजना है।
हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ किया कि हालात बिगड़ने की स्थिति में अमेरिका सैन्य कार्रवाई के विकल्प से पूरी तरह इनकार नहीं करेगा।

मौतों के आंकड़ों को लेकर विवाद

ईरान में प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर मतभेद हैं।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि यह संख्या 3,500 से अधिक हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में तो मृतकों की संख्या 20,000 तक बताई गई है।

ईरान ने आरोपों को नकारा

ईरान सरकार ने इन आंकड़ों को खारिज किया है। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौतों की संख्या “सैकड़ों” में है और विदेशों में पेश किए जा रहे आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर बताए जा रहे हैं। उन्होंने इसे गलत सूचना फैलाने की कोशिश बताया।

खाड़ी देशों के दबाव से किया इनकार

इस बीच ट्रंप ने उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब, कतर और ओमान ने उन्हें ईरान पर हमला न करने के लिए मनाया।
ट्रंप ने कहा कि किसी भी देश ने उन पर दबाव नहीं डाला।

ट्रंप बोले- फैसला मेरा था

व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा रवाना होते समय ट्रंप ने कहा,
“किसी ने मुझे नहीं मनाया। मैंने खुद फैसला लिया। उन्होंने किसी को फांसी नहीं दी और फांसियां रद्द कर दीं। इसका मुझ पर बड़ा असर पड़ा।”

ईरान में सामूहिक फांसी टलने के फैसले ने अमेरिका के रुख को फिलहाल नरम जरूर किया है, लेकिन हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। यह देखना अहम होगा कि Ali Khamenei के नेतृत्व में ईरान आगे कौन-से कदम उठाता है और अमेरिका इस बदले हुए रुख को कितने समय तक बनाए रखता है।

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