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तिरुवनंतपुरम, 14 मार्च 2021

केरल महिला कांग्रेस (Kerala Mahila Congress) की प्रमुख लतिका सुभाष ने विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) में टिकट न मिलने के विरोध में अपना मुंडन करवा लिया. सुभाष ने तिरुवनंतपुरम स्थित पार्टी कार्यालय के सामने अपना मुंडन करवाया. सुभाष ने कहा कि मैं किसी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रही लेकिन मैं अपने पद से इस्तीफा दूंगी. दरअसल लतिका सुभाष इत्तूमनूर सीट से टिकट चाहती थीं. सुभाष को 2018 में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया था. उस समय राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे.

लतिका ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला नेताओं को नजरअंदाज कर रही है. लतिका ने कहा कि वह फिलहाल किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होंगी. इसके अलावा उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी कोई फैसला नहीं किया है. बता दें कि केरल कांग्रेस अध्यक्ष मुल्लाप्पल्ली रामचंद्रन ने कहा कि हम केरल विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) के लिए 86 उम्मीदवारों की सूची जारी की.

इन नेताओं को दिए गए टिकट

केरल स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष केएम अभिजीत को कोझीकोड से टिकट दिया गया है, वीटी बलराम को थिरिथला, शफी परमबिल को पलक्कड़ से और अनिल अक्कारा को वडक्कनचेरी से टिकट दिया गया है. रामचंद्रन ने कहा कि केरल के पूर्व सीएम ओमान चांडी पुथुप्पल्ली, नेता विपक्ष रमेश चेन्नीथाला हरिपद सीट से, पद्मजा वेणुगोपाल थिसुर सीट से, वीडी सथीसन पारावुर से, के बाबू थ्रिप्पुन्नीथुरा से और पीटी थॉमस थ्रिक्काक्कारा सीट से चुनाव लडे़ंगे.

बता दें लतिका सुभाष के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस में जारी विवाद सामने आ गया है. इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद के सुधाकरण ने पार्टी की चुनावों में जीत और उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल खड़े किए थे. सुधाकरण जो कि केरल कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट थे, ने कहा कि कन्नूर के उम्मीदवार के चयन को लेकर उनसे कोई भी सलाह मशविरा नहीं किया गया.

बुधवार को पीसी चाको ने दिया था इस्तीफा
इससे पहले केरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बुधवार को कांग्रेस को उस वक्त बड़ा झटका लगा था जब उसके वरिष्ठ नेता पी सी चाको ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की और आरोप लगाया कि चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार तय करने में गुटबाजी हावी रही. पिछले एक साल के भीतर ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद चाको ऐसे दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ी है. चाको कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य रह चुके हैं.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से टकराव के बीच सिंधिया पिछले साल मार्च में भाजपा में शामिल हो गए थे. सिंधिया खेमे के 20 से अधिक विधायकों ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था, जिसके बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी.

कांग्रेस में ‘ग्रुप 23’ से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में चाको ने यह आरोप भी लगाया कि पिछले दो वर्षों से पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व सक्रिय नहीं है.