दिल्ली के बवाना इलाके में सोमवार सुबह पुलिस और वांटेड बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर राजधानी में सक्रिय गैंग नेटवर्क की मौजूदगी को उजागर कर दिया है। आउटर नॉर्थ जिले की स्पेशल स्टाफ टीम को खुफिया इनपुट मिला था कि कुछ शूटर मुनक नहर के पास छिपे हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और एक योजनाबद्ध ऑपरेशन शुरू किया।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़?
पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों को घेरने के बाद जब उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो वे मौके से भागने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायरिंग की। दोनों ओर से करीब चार राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि तीनों को मौके पर दबोच लिया गया। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कारोबारी की हत्या से जुड़ा कनेक्शन
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों शूटर हाल ही में बवाना में हुई एक कारोबारी की सनसनीखेज हत्या में शामिल थे। इस वारदात में कारोबारी को सरेआम दौड़ाकर गोलियां मारी गई थीं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़े रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने जिम्मेदारी ली थी। तभी से पुलिस इन आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
बरामद हुए हथियार और जांच की दिशा
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध पिस्तौल और कारतूस समेत हथियार बरामद किए हैं। अब तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन शूटरों को हथियार कहां से सप्लाई किए गए और गैंग का नेटवर्क राजधानी में किस स्तर तक फैला है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या हाल के दिनों में हुई अन्य फायरिंग या हत्या की वारदातों में भी इनका हाथ था। गैंग से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
राजधानी में बढ़ती गैंगवार की चुनौती
दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से गैंगवार की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। हाल ही में केएन काटजू मार्ग इलाके में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें भी गैंग कनेक्शन की आशंका जताई गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराज्यीय गैंग नेटवर्क और सोशल मीडिया के जरिए जिम्मेदारी लेने की प्रवृत्ति कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती बनती जा रही है।
आगे क्या?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद और खुलासे हो सकते हैं। पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का दावा कर रही है। फिलहाल गिरफ्तार शूटरों से पूछताछ जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। बवाना मुठभेड़ ने यह साफ कर दिया है कि राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन गैंग नेटवर्क की जड़ें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।




