नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री आतिशी को दो बड़े झटके लगे हैं। एक तरफ दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है, तो दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें मानहानि मामले में नोटिस जारी किया है।
आचार संहिता उल्लंघन पर FIR
जानकारी के मुताबिक, चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी देर रात तक कई राजनीतिक दलों के समर्थक अलग-अलग इलाकों में सक्रिय रहे, जिससे जगह-जगह हंगामा हुआ। सबसे बड़ा हंगामा कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में हुआ, जहां से मुख्यमंत्री आतिशी चुनाव लड़ रही हैं। इस दौरान वह अपने 50-60 समर्थकों और 10 गाड़ियों के साथ फतेह सिंह मार्ग पर मौजूद थीं। पुलिस के आदेश के बावजूद वह वहां से हटने को तैयार नहीं हुईं, जिसके चलते चुनाव आयोग की शिकायत पर गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया।
सरकारी काम में बाधा डालने का दूसरा मामला
पुलिस ने आतिशी के समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में भी गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
मानहानि मामले में हाईकोर्ट का नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री आतिशी को मानहानि मामले में नोटिस जारी किया है। यह नोटिस बीजेपी नेता परवीन शंकर कपूर की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने सेशंस कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसने आतिशी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट के समन को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 30 अप्रैल तय की है।
आतिशी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
इन कानूनी कार्रवाइयों के बीच आतिशी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता झुग्गी बस्तियों में रह रहे लोगों को धमका रहे हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने गोविंदपुरी थाने में दी थी। लेकिन, इसके उलट पुलिस ने उनके और AAP कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया।
बीजेपी नेता के भतीजे पर भी केस
दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी के भतीजे मनीष बिधूड़ी के खिलाफ भी रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। उन्हें एक गाड़ी में संदिग्ध सामान रखने का आरोपी बनाया गया था, लेकिन जांच के दौरान कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।
चुनाव से ठीक पहले बढ़ा सियासी तनाव
वोटिंग से एक दिन पहले ही दिल्ली में सियासी माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने हैं, और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब देखना यह होगा कि इन घटनाओं का दिल्ली चुनाव 2025 पर क्या असर पड़ता है।




