
नई दिल्ली, 16 फरवरी 2021
बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने मंगोलपुरी जाकर रिंकू शर्मा के परिवारवालों से मुलाकात की है. उन्होंने कहा कि रिंकू शर्मा की हत्या (Rinku Sharma Murder) कोई साधारण अपराधिक घटना नहीं है बल्कि यह जिहाद (Jihad) है, आतंकी हमला है. रिंकू को सिर्फ इसलिए निशाना बनाकर मारा गया क्योंकि वो श्रीराम का जुलूस निकालता था, उनकी सेवा करता था, धर्म का काम करता था और जय श्रीराम का नारा लगाता था. उसकी पहचान कर कर उसको मारा गया है. इसकी आतंकी घटना के तौर पर जांच होनी चाहिए.
कपिल मिश्रा ने कहा कि हत्यारों को फांसी से नीचे कोई सजा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही उन लोगों को भी सजा मिलनी चाहिए जो इन लड़कों के दिमाग में जहर भरने का काम कर रहे हैं. इनके दिमाग में जहर कौन घोल रहा है कि जय श्रीराम का नारा लगाने वाले को मारो. श्रीराम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने वाले को मारो. सिर्फ नफरत का माहौल पैदा करो. उन्होंने कहा कि इस नफरत का मास्टरमाइंड कौन है, पुलिस को इन तक पहुंचना पड़ेगा. इनकी ट्रेनिंग कहां से मिली है, इन लड़कों को कौन ट्रेन (प्रशिक्षित) कर रहा है, यह सब जांच का विषय है. यह कौन सी ideology है जिसको यह पढ़ते थे, फोन पर यह किससे बात करते हैं, क्या बात करते हैं, यह सभी कुछ जांच का विषय है. जब तक इसकी जांच नहीं जाएगी, इस घटना के पीछे किसका हाथ है, जब तक तमाम आरोपी पकड़े नहीं जाएंगे तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे.
‘यह बर्थडे पार्टी का विवाद नहीं, केवल धर्म के नाम पर की गई हत्या’
बीजेपी नेता ने कहा कि दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है इसीलिए घटना की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है. यह कोई बर्थडे पार्टी का विवाद नहीं था, केवल और केवल धर्म के नाम पर हत्या की गई है. मैं दिल्ली पुलिस से निवेदन करता हूं कि वो परिवार की बात सुनकर जांच करें. इतनी जल्दी किसी बात को बंद ना करें. दिल्ली पुलिस ने मृतक में मां का या उसके भाई का बयान लिया था क्या. दिल्ली पुलिस को निष्कर्ष पर पहुंचने की इतनी क्या जल्दी है. कपिल मिश्रा ने कहा कि तकरीबन 9000 लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि के रूप में पीड़ित परिवार की मदद के लिए एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद की राशि दी है. इसे परिवार के बैंक में सीधा ट्रांसफर की जाएगी. सोमवार से इसकी प्रक्रिया की शुरू कर दी गई है.
उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि वो या तो हमलोगों को दिल्लीवाला नहीं मानते या फिर उनके लिए कोई खास समाज या खास समुदाय सिर्फ दिल्ली है. वो (अरविंद केजरीवाल) कहते हैं कि वो दिल्ली के बेटे हैं, तो बताएं कि रिंकू किसका बेटा है. रिंकू के लिए कौन बोलेगा. आप अखलाक के लिए दौड़ कर गए थे. हम उनसे कोई आर्थिक मदद नहीं मांग रहे, हमारे परिवार का बेटा था हम संभाल लेंगे. लेकिन पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने तो उन्हें आना चाहिए था. मिश्रा ने कहा कि यह सरकार और संवेदनशील है. मृतक का भाई मुख्यमंत्री से मिलने गया लेकिन उसे गेट से ही वापस लौटा दिया गया. सांत्वना के दो शब्द भी दिल्ली के बेटे केजरीवाल से नहीं कहे गए, यह बेहद शर्म का विषय है.







