प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने महाकुंभ के कारण प्रयागराज जिले में 24 फरवरी को होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा को रीशेड्यूल कर दिया है। अब यह परीक्षा 9 मार्च को आयोजित की जाएगी। हालांकि, यह बदलाव केवल प्रयागराज जिले के लिए लागू किया गया है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
24 फरवरी से शुरू होगी बोर्ड परीक्षा
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च 2025 के बीच आयोजित की जाएंगी। इस बार हाईस्कूल की परीक्षा में 27,32,216 छात्र और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 27,05,017 छात्र शामिल होंगे। परीक्षा के लिए 8,140 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 306 केंद्रों को अति संवेदनशील और 692 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है।
इस बार होगी ऑनलाइन निगरानी
उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने लखनऊ में राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस बार परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे, राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था की गई है, जिससे परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था
बोर्ड परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कई सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं। प्रश्न-पत्रों में केंद्रवार कोडिंग की गई है, और उत्तर पुस्तिकाओं में विशेष सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) को सक्रिय किया गया है। परीक्षा संचालन के लिए 8,140 केंद्र व्यवस्थापक, 8,140 बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, 8,140 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1,283 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 439 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, 428 सचल दल और 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 और 18001806608 सक्रिय किए गए हैं। प्रयागराज स्थित यूपी बोर्ड कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 18001805310 और 18001805312 रहेंगे। इसके अलावा, ईमेल, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप नंबर 9250758324 के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।
इस प्रकार, यूपी बोर्ड परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।




