नई दिल्ली, शंभू और खनुरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के प्रमुख नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन को आज 55 दिन हो गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से निमंत्रण मिलने के बाद डॉक्टरों की एक टीम ने डल्लेवाल को ग्लूकोज चढ़ाया है, लेकिन उन्होंने अभी भी अन्न ग्रहण करने से इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से 14 फरवरी को चंडीगढ़ में किसानों के साथ बैठक की घोषणा की गई है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि डल्लेवाल जल्द ही अपना अनशन समाप्त करेंगे।
चंडीगढ़ में 14 फरवरी को होगी बैठक
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव प्रिय रंजन ने शनिवार को खनुरी बॉर्डर पर पहुंचकर डल्लेवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने डल्लेवाल को मेडिकल सहायता लेने के लिए राजी किया और 14 फरवरी को चंडीगढ़ में होने वाली बैठक के लिए निमंत्रण दिया। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की मांगों पर चर्चा होगी। सरकार ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और उनकी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
डल्लेवाल पर दबाव का आरोप
किसान नेता काका सिंह कोकरा ने आरोप लगाया है कि डल्लेवाल पर भूख हड़ताल खत्म करने का दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि 121 अन्य किसान भी डल्लेवाल के साथ भूख हड़ताल पर हैं और उनके साथ ही अनशन समाप्त करेंगे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डल्लेवाल के स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर है और 14 फरवरी तक चिकित्सा सहायता के बिना उनके जीवित रहने की संभावना कम है।
26 जनवरी को दिल्ली कूच की संभावना
सरकार के निमंत्रण के बाद अब सभी की नजरें 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च पर हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने पहले ही दिल्ली कूच की घोषणा कर दी थी। सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, लेकिन स्थिति के बिगड़ने की संभावनाएं बनी हुई हैं। किसान आंदोलन की दिशा और डल्लेवाल के अनशन को लेकर अब 14 फरवरी की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




