नई दिल्ली. अक्सर इस बात पर सवाल खड़े किए जाते हैं कि वैक्सीन (vaccine) का कोरोना (Corona) पर कितना असर है. अब एक नई रिसर्च (New Research) के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जिस व्यक्ति को पहले कोरोना हो चुका है और उसने वैक्सीन की दो खुराक ले ली है, तो उसे आगे एक साल तक 90 प्रतिशत तक कोरोना संक्रमण से सुरक्षा मिलेगी. रिसर्च के मुताबिक वैक्सीन की दो खुराक और संक्रमण मिलकर कोरोना संक्रमण से बचाब का सबसे बेहतर तरीका है. यह रिसर्च ब्रिटेन में हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने की है. यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने अपनी रिसर्च में पाया है कि पहले का संक्रमण और वैक्सीन की दो खुराक आश्चर्यजनक रूप से लक्षण और बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमण के जोखिम को बहुत कम कर देती है.
35 हजार लोगों पर अध्ययन
यह रिपोर्ट एनएचएस के विशेषज्ञ डॉ स्टीव जेम्स के उस दावे को खारिज करता है जिसमें उन्होंने कहा था कि जिसे एक बार कोरोना हो चुका है उसे वैक्सीन देने का कोई मतलब नहीं है. रिसर्च में कहा गया है कि पहले का संक्रमण कोरोना से तभी कारगर तरीके से बचाव करता है जब उसे वैक्सीन की दोनों खुराक दी जाती है. ये दोनों चीजें मिलकर कोरोना से एक साल तक बचाव करती है. इस अध्ययन में 35 हजार हेल्थकेयर वर्कर को शामिल किया गया. अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली थी, लेकिन उन्हें कोरोना का संक्रमण हो गया था, तो ऐसे लोगों में 3 से नौ महीने तक कोरोना से बचने की क्षमता 85 प्रतिशत तक विकसित हो गई थी. हालांकि इसके 15 महीने बाद कोविड से बचाव की संभावना सिर्फ 73 प्रतिशत तक रह गई.
वैक्सीन के बाद कोरोना से लड़ने के क्षमता बहुत ज्यादा
दूसरी ओर जिन लोगों ने वैक्सीन की दो खुराक ले ली थी उनमें तीन से नौ महीने तक कोरोना से बचने की क्षमता 91 प्रतिशत तक विकसित हो गई थी. साथ ही संक्रमण के 15 महीने बाद भी ऐसे व्यक्ति में कोरोना से बचाव की क्षमता 90 प्रतिशत तक थी. यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ सुजेन हॉपकिंस ने बताया कि कोरोना संक्रमित लोगों में इससे बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो जाता है लेकिन जब वही व्यक्ति वैक्सीन भी लगा लेता है तो कोरोना के खिलाफ उनमें सुरक्षा की क्षमता बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. इसलिए वैक्सीन सभी को लेनी चाहिए. इससे पहले डॉ स्टीव जेम्स ने ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद से कहा था कि विज्ञान के पास इतना मजबूत आधार नहीं है कि सभी हेल्थ वर्कर के लिए वैक्सीन को अनिवार्य बना दिया जाए क्योंकि संक्रमण के माध्यम से ही कई लोगों में कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी विकसित हो चुका है. इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ था.




