नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा की साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट्स के माध्यम से भड़काऊ संदेश फैलाए गए थे। नागपुर साइबर पुलिस की जांच में ऐसे इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट्स मिले हैं, जिनमें हिंदुस्तान के खिलाफ और पाकिस्तान के पक्ष में आपत्तिजनक सामग्री थी। इन पोस्ट्स में “15 मिनट दो फिर देखो हम क्या कर सकते हैं” और “औरंगजेब पहले भी जिंदा थे और आज भी जिंदा हैं” जैसी भड़काऊ बातें लिखी गई थीं।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी फहीम खान ने हिंदू धर्म के खिलाफ अपनी इंस्टाग्राम और फेसबुक पोस्ट्स में कई आपत्तिजनक सामग्री पहले भी साझा की है। फहीम ने कांग्रेस नेताओं के कई पोस्ट्स को भी रीपोस्ट किया है। उसके सोशल मीडिया हैंडल्स की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसके संबंध कश्मीरी, बांग्लादेशी या पाकिस्तानी व्यक्तियों से तो नहीं हैं।
कर्फ्यू और गिरफ्तारियां
हिंसा की घटना के बाद आज छठे दिन भी शहर के नौ थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है। सोमवार रात भड़के दंगों के बाद नागपुर शहर के 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया था, जिसमें से दो थाना क्षेत्रों से कर्फ्यू गुरुवार को हटा लिया गया। हालांकि, शेष नौ थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू अब भी बरकरार है। अब तक 89 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है।
साजिशकर्ता गिरफ्तार
नागपुर हिंसा की साजिश रचने के आरोप में माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हामिद इंगिन्या और यूट्यूबर मोहम्मद शहजाद खान को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच से पता चला है कि हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी।
मुख्यमंत्री की चेतावनी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नागपुर में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस घटना को सुनियोजित बताया और कहा कि नागपुर में सोमवार को हुई हिंसा के दौरान किए गए पथराव में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए थे।
नागपुर में हुई हिंसा की साजिश में सोशल मीडिया का दुरुपयोग सामने आया है, जिससे समाज में अशांति फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।




