Congress President Election: कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सोमवार 17 अक्टूबर को वोटिंग होना है। मुकाबला मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और शशि थरूर (Shashi Tharoor) के बीच है। थरूर का कहना है कि मुझे पार्टी के युवा मेंबर्स का समर्थन मिला हुआ है, जबकि खड़गे जी को वरिष्ठ नेता सपोर्ट कर रहे हैं। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि 24 साल बाद ऐसा पहली बार होगा, जब गांधी परिवार को कोई भी सदस्य इस चुनाव में नहीं लड़ रहा है। 1998 में सोनिया गांधी और 2017 में राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने थे।
137 साल के इतिहास में छठी बार हो रहा चुनाव :
कांग्रेस पार्टी की स्थापना दिसंबर, 1885 में एओ ह्यूम (Allan Octavian Hume) ने की थी। तब से अब तक 137 साल के इतिहास में ये छठा मौका है, जब कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए है। बता दें कि 2022 में होने वाले चुनाव के लिए सबसे पहले उम्मीदवार रहे अशोक गेहलोत ने पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन किया है। शुरुआत में अशोक गेहलोत और दिग्विजय सिंह भी इस रेस में शामिल थे, लेकिन बाद में दोनों ने अपने नाम वापस ले लिए।

कांग्रेस निर्वाचन मंडल के 9 हजार प्रतिनिधि चुनेंगे अध्यक्ष :
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मुख्य मुकाबला खड़गे और थरूर के बीच है। हालांकि, फिर भी मल्लिकार्जुन खड़गे का पलड़ा ज्यादा भारी है। दोनों ही उम्मीदवार पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राज्यों में जाकर प्रदेश कांग्रेस इकाइयों के प्रतिनिधियों से मिलकर अपने लिए वोट मांग रहे हैं। बता दें कि कांग्रेस के निर्वाचन मंडल में करीब 9,000 प्रतिनिधि हैं, जो अध्यक्ष चुनेंगे।
17 को वोटिंग, 19 अक्टूबर को मिल जाएगा कांग्रेस अध्यक्ष :
बता दें कि वोटिंग सोमवार को होगी और दो दिन बाद यानी 19 अक्टूबर को ये तय हो जाएगा कि कौन अध्यक्ष पद की कमान संभालेगा। आगामी चुनाव निश्चित तौर पर ऐतिहासिक होगा, क्योंकि नया अध्यक्ष, सोनिया गांधी की जगह लेगा, जो सबसे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष रही हैं।
कितनी है थरूर और खड़्रगे के जीत की संभावना?
इस चुनाव में शशि थरूर के जीत की संभावना बेहद कम यानी 5 परसेंट है। वहीं, खड़गे के जीत की संभावना 75 प्रतिशत मानी जा रही है। जिस कैंडिडेट को 4500 + PCC मेंबर्स के वोट मिलेंगे, वही अगला अध्यक्ष होगा। हालांकि, अभी इसके लिए बुधवार तक का इंतजार करना पड़ेगा।

आजादी के बाद कब-कब हुए चुनाव :
– आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव 1950 में हुआ था। उस वक्त पुरुषोत्तम दास टंडन और आचार्य जेबी कृपलानी के बीच मुकाबला था। तब टंडन चुनाव जीत गए थे।
– इसके बाद 1977 में देवकांत बरुआ के इस्तीफे की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था, जिसमें के. ब्रह्मानंद रेड्डी ने सिद्धार्थ शंकर रे और कर्ण सिंह को हराया था।
– फिर अगले चुनाव 1997 में चुनाव हुए और सीताराम केसरी अध्यक्ष बने। अध्यक्ष पद का अगला चुनाव 2000 में हुआ और सोनिया गांधी एक बार फिर अध्यक्ष चुन ली गईं।
अब तक ये रहे गांधी परिवार से कांग्रेस अध्यक्ष :
आजादी के बाद सीतारमैया ने 1948 में एआईसीसी अध्यक्ष (ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी) का पद संभाला था। तब से अब तक 17 लोगों ने पार्टी की अगुवाई की है, जिनमें से 5 गांधी परिवार के मेंबर हैं। 1951 से 1954 के बीच जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने। वहीं इंदिरा गांधी 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। 1978 से 84 तक इंदिरा गांधी दोबारा अध्यक्ष बनीं। उनकी मृत्यु के बाद 1985 से 1991 तक उनके बेटे राजीव गांधी कांग्रेस अध्यक्ष रहे। 1998 में सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनीं, जो 2017 तक रहीं। इसके बाद उनके बेटे राहुल गांधी 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बने।

आजादी के बाद 40 साल तक गांधी परिवार से रहा अध्यक्ष :
सोनिया गांधी 1998 के बाद से सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रही हैं। हालांकि, बीच में 2017 से लेकर 2019 तक राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपी गई थी। देश की आजादी के बाद से बात करें तो करीब 40 साल तक कांग्रेस का नेतृत्व गांधी परिवार के पास ही रहा है।




