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लखनऊ, 6 अगस्त 2021

यूपी की बेटियों के लिए इस बार का रक्षाबंधन पर्व बेहद खास होने वाला है। पर्व से एक दिन पूर्व 21 अगस्त को मिशन शक्ति तीन के शुभारंभ के साथ योगी सरकार महिलाओं-बेटियों को कई बड़े तोहफे देने की तैयारी में है। सबसे ज्यादा तोहफे महिला पुलिसकर्मियों के लिए होंगे। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महिला पुलिसकर्मियों को पुरुष सहकर्मियों की तरह ही बीट पुलिस अधिकारी के रूप में तैनाती का उपहार देंगे, तो महिला पुलिसकर्मियों के नन्हें-मुन्ने बच्चों के लिए सभी 78 पुलिस जनपदों में बालवाड़ी का उपहार भी मिलेगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी ने 21 अगस्त से शुरू होने जा रहे ‘मिशन शक्ति’ के तीसरे चरण के तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य समारोह की तर्ज पर शेष जिलों में भी विशेष आयोजन किए जाएं। सीएम के निर्देशानुसार, सभी कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों में ख्यातिनाम महिलाएं ही बतौर अतिथि मंचासीन होंगी। मुख्य समारोह में ओलम्पिक प्रतिभागी बेटियों की खास मौजूदगी हो सकती हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से वंचित 1.5 लाख बेटियों को और निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र 1.73 लाख नई लाभार्थी महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा।

मुख्य समारोह और जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में कोविड काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला स्वयंसेवी संगठनों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके अलावा, करीब 1300 थानों में पिंक टॉयलेट निर्माण, नवनिर्मित ग्राम सचिवालयों में ‘मिशन शक्ति हेल्पडेस्क’, महिला पुलिसकर्मियों के खाली पदों पर भर्ती जैसी उपहार मिलने की भी संभावना है। कार्यक्रम में करीब एक करोड़ महिलाओं-बेटियों की सहभागिता कराने की तैयारी है। योगी सरकार की ओर से सभी को एक-एक मास्क और राखी का सुरक्षा कवर भी प्रदान किया जाएगा। समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने इन विषयों पर विस्तृत तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलों में अयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्रीगणों/स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति होगी।

21 अगस्त से शुरू हो रहा मिशन शक्ति का तीसरा चरण कई मायनों में खास होगा। शुक्रवार को लोकभवन में समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक के दो चरण में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से उपयोगी सिद्ध हुए हैं। अब नए चरण में इन दो विषयों के साथ स्वावलंबन पर फोकस करना होगा। महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सीएम ने सोनभद्र, चंदौली, मीरजापुर, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और रामपुर जिलों में भी झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तर्ज पर उत्पादक इकाइयों के गठन के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, दिसंबर तक 01 लाख नई स्वयं सहायता समूहों के गठन का भी लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने अभियान के तहत ग्रामीण अंचलों में खेतिहर श्रमिक, पशुपालक, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं, स्कूल ड्रॉपआउट बेटियों पर ध्यान केन्द्रित करके शक्ति मोबाइल द्वारा जागरूकता व प्रवर्तन का अभियान चलाने की जरूरत भी बताई। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास, माध्यमिक, बेसिक व उच्च शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास, युवा कल्याण सहित सभी संबंधित विभागों को मिशन शक्ति के नए चरण के दौरान महिला हित से जुड़ीं सरकार की योजनाओं से महिलाओं को लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला से जुड़े अपराध हो अथवा उनकी कोई अन्य समस्या, सभी कार्यालय इनका समाधान शीर्ष प्राथमिकता के साथ करना सुनिश्चित करें। ग्राम विकास विभाग की कार्ययोजना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निमार्णाधीन ग्राम सचिवालय को ग्राम पंचायतों को एक व्यवस्थित स्वरूप देने वाला बताया।

उन्होंने कहा कि गांवों में सामुदायिक शौचालय, बीसी सखी जैसे प्रयास महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। सीएम ने अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की जांच के विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए तो शिक्षा विभाग को लैंगिक संवेदनशीलता, अभिभावकों में जागरूकता, किशोरी बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने जैसे प्रयास करने पर बल दिया।