यूपी की जेलों में बजेगा गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र, धार्मिक प्रवचन का ऑडियो प्रसारण भी होगा, मदरसों के भी कायाकल्प की तैयारी

यूपी की जेलों में बजेगा गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र, धार्मिक प्रवचन का ऑडियो प्रसारण भी होगा, मदरसों के भी कायाकल्प की तैयारी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दोबारा सत्ता में आने के बाद काफी सक्रिय नजर आ रही है। बता दें कि यूपी के कारागार एवं होमगार्ड मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने निर्देश जारी किये हैं कि जेलों में अब गायत्री मंत्री और महामृत्युंजय मंत्र बजाया जायेगा। इस फैसले के पीछे प्रजापति ने बताया कि कैदियों की मानसिक शांति के लिए ऐसा फैसला लिया गया है।

टीवी चैनल न्यूज 18 यूपी से बात करते हुए धर्मवीर प्रजापति ने बताया, “जेल में कई कैदी पेशेवर होते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो परिस्थितियों के चलते जेल पहुंच जाते हैं। मेरे मन में था कि ऐसे बहुत से कैदी होंगे जो अनायास घटी घटनाओं के चलते जेल में हैं। मेरी इच्छा है कि ऐसे कैदियों की मनोदशा बदलने के लिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र बजाया जाये।”

जेल मंत्री प्रजापति ने कहा, “हमारे देश में सनातन धर्म को मानने वाले लोग हैं, सब ईश्वर को मानने वाले हैं। मेरा मानना है कि जहां-जहां कथा-भागवत और मंत्रोच्चारण होता है, वहां वातावरण बदल जाता है। लोगों की मनोदशा बदलती है। ऐसे में मैंने निर्देश जारी किया है कि सुबह प्रार्थना के बाद गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण हो।”

उन्होंने कहा, “ऐसा करने से मुमकिन है कि कैदियों की मनोदशा बदले और उनके व्यवहार में बदलाव आये। उन्हें सुधरने का अवसर मिलेगा। जब वे जेल से बाहर जाएंगे तो एक अच्छा जीवन जी सकेंगे। इससे अच्छा संदेश जाएगा।”

मदरसों पर सरकार का बड़ा फैसला: गौरतलब है कि योगी सरकार ने मदरसों को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार मदरसों में आधुनिक शिक्षा देने पर जोर दे रही है। ऐसे में यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि योगी सरकार मदरसों का कायाकल्प करने जा रही है। मदरसों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा दी जा सके इसके लिए मदरसा बोर्ड अरबी में ऐप लॉन्च करेगा और बच्चों को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ाया जायेगा।

दानिश आजाद ने बताया कि सरकार मदरसों में दीनी तालीम देने वाले 5339 पदों को खत्म करेगी। उन्होंने कहा, “बच्चों को महान विभूतियों की जीवनी पढ़ाई जाएगी। जिससे अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे समझ सकें कि भारत को महान बनाने में किन लोगों का योगदान है।”

उनके मुताबिक सरकार की मंशा है कि मदरसों के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा के साथ प्रतियोगी तैयारियों में समान रूप से भाग ले सकें। हालांकि इस बदलाव के साथ ही सरकार मदरसों में दीनी तालीम देने वाले 5 हजार से अधिक पदों को खत्म करने का फैसला लिया है।

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