लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Elections 2022) से पहले नेताओं के दल-बदल का दौर जारी है. योगी कैबिनेट का हिस्सा रहे स्वामी प्रसाद मौर्य, डॉ. धर्म सिंह सैनी और दारा सिंह चौहान समेत कई विधायकों ने समाजवादी पार्टी का दाम थाम लिया है, तो भाजपा ने मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) को तोड़कर समाजवादी परिवार में सेंध लगा दी है. यही नहीं, भाजपा ज्वाइन करने के एक दिन बाद पार्टी ने अपर्णा यादव और बदायूं की सांसद संघमित्रा मौर्य (Sanghamitra Maurya) का एक पोस्टर जारी किया है. यह पोस्टर इस वक्त चर्चा का कारण बना हुआ है.
भाजपा के इस पोस्टर में अपर्णा यादव और संघमित्रा मौर्य की फोटो है. इसके साथ लिखा है, ‘ सुरक्षा चक्र, सुरक्षा जहां, बेटियां वहां.’ भाजपा ने इस पोस्टर जरिए खुद के महिला हितैषी होने का संदेश दिया है. हालांकि योगी सरकार का ‘मिशन शक्ति’ पहले से सूबे में पहचान बना चुका है. वहीं, भाजपा के इस पोस्टर पर विपक्षी दल निशाना साध रहे हैं.
भाजपा के पोस्टर पर विपक्ष निशाना साध रहा है.

अपर्णा को लेकर मौर्य ने कही थी ये बात
संघमित्रा मौर्य ने अपने बुधवार को फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘क्या बहन-बेटी की भी जाति और धर्म होता है? अगड़ा (सवर्ण) भाजपा में आता है तो राष्ट्रवादी और वह वोट भाजपा को करेगा या नहीं इस पर सवाल खड़ा करना तो दूर सोचा भी नहीं जाता है. लेकिन पार्टी में रहने वाला राष्ट्रद्रोही और उसके वोट पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसा क्यों? कृपया सलाह न दें कि मैं कहां जाऊं और क्या करूं. मैं जहां हूं, ठीक हूं.’
बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर तरह-तरह के सवाल उठने शुरू हो गए थे. उनकी बेटी और भाजपा से सांसद संघमित्रा मौर्य को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि वह पार्टी छोड़ सकती हैं. बदायूं की सांसद ने आगे कहा कि पिताजी का फैसला उनका निजी फैसला है, लेकिन राजनीति में हमेशा संभावनाएं होती हैं. बीजेपी सांसद ने कहा था कि अभी मैं 2024 तक भारतीय जनता पार्टी की सांसद हूं, आगे क्या होगा कहा नहीं जा सकता.
अपर्णा पर ये बोले अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अपर्णा यादव को लेकर कहा कि सबसे पहले मैं बधाई और शुभकामना दूंगा, सपा विचारधारा का विस्तार हो रहा है. जिसे हम टिकट नहीं दे पार रहे उसे वो टिकट दे रहे हैं. मुझे उम्मीद है वहां भी हमारी विचारधारा होगी. अखिलेश ने इसके साथ ही कहा कि नेता जी ने उन्हें बहुत कोशिश की समझाने की, लेकिन वह नहीं मानीं.




