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नई दिल्ली, 4 फरवरी 2021

कृषि कानूनों को लेकर गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसानों के विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत को लेकर बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने विवादित टिप्पणी की है. राकेश टिकैत के आरोपों को नकारते हुए विधायक ने कहा कि वह भारतीय किसान यूनियन के नेता से ज्यादा ‘बड़े किसान’ हैं. क्योंकि उनके पास ज्यादा जमीन है. उन्होंने राकेश टिकैत पर व्यक्तिगत हमला भी किया. उन्होंने आरोप लगाया कि टिकैत सिर्फ 2000 रुपये के लिए कहीं भी चले जाते हैं. दरअसल, राकेश टिकैत ने विधायक और उनके समर्थकों पर आंदोलन कर रहे किसानों को धमकी देने और प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाने का आरोप लगाया था.

बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि मैं भी किसान हूं. राकेश टिकैत मुझसे बड़े किसान नहीं हैं. उनके पास मेरे जितनी जमीन भी नहीं है. राकेश टिकैत को माफी मांगनी चाहिए. वह देश के किसानों को नहीं बांट सकते. इतिहास इसे याद रखेगा.

किसानों के आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि कौन कहता है ये किसान हैं, आप जाएं और देखें, वहां राजनीतिक दलों से जुड़े लोग बैठे हैं, वो किसान भी हो सकते हैं और मजदूर भी.

पिछले हफ्ते प्रशासन द्वारा प्रदर्शन स्थल को खाली किए जाने की बात के बाद राकेश टिकैत कैमरे के सामने भावुक हो गए थे. उन्होंने आंदोलन को तोड़ने के लिए षड्यंत्र का आरोप लगाया था. इस पर विधायक ने कहा कि मैं टिकैत परिवार का सम्मान करता हूं, लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि राकेश टिकैत तो 2000 रुपये के लिए कहीं भी चले जाते हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए. आप इस तरह के आरोप क्यों लगाते हैं? कल को आप कहेंगे कि आतंकवादी आपको मारने आए.  किसान आंदोलन को लेकर आप बवाल और हंगामा कर रहे हैं ये ठीक नहीं है. आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए.

बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा के जींद में हजारों किसानों के साथ महापंचायत की है, जिसमें उन्होंने आंदोलन के जरिए सरकार पर और दबाव बनाने की बात कही है.  टिकैत ने यहां किसानों के बीच सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘अगर कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो उसके लिए सत्‍ता में बने रहना मुश्किल हो जाएगा.’

उन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शनस्थलों को दिल्ली पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग कर घेरे जाने पर भी आक्रोश जताया. उन्होंने कहा कि ‘सरकार ने कीलें ठुकवाईं, तार लगवाए, लेकिन ये चीजें किसानों को नहीं रोक पाएंगी. राजा जब डरता है तो किलेबंदी करता है. मोदी सरकार किसानों के डर से किलेबंदी करने में जुटी है.’