पटना : भाजपा से राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने यह स्वीकार तो किया कि जदयू अध्यक्ष ललन सिंह के साथ मिलकर लालू के ‘नौकरी के बदले जमीन’ घोटाले को उजागर किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर सीबीआइ जांच की मांग की थी। उन्होंने पहले यह भी स्वीकार किया था कि उनकी पीआइएल पर ही पटना हाई कोर्ट ने चारा घोटाले की सीबीआइ जांच का आदेश दिया।
बिहार के उप मुख्यमंत्री रह चुके सुशील मोदी ने कहा कि जहां तक 14 साल विलंब से कार्रवाई का सवाल है, तो उस समय राजद के समर्थन से मनमोहन सिंह की सरकार चल रही थी। प्रधानमंत्री की हिम्मत नहीं थी कि सहयोगी दल के नेता पर कार्रवाई का आदेश देते। शिवानंद भूल गए कि मामला भले ही 14 वर्ष पुराना हो, परंतु 2017 में जब मैंने ‘नौकरी के बदले जमीन’ सहित दर्जनों लालू परिवार के भ्रष्टाचार को सबूतों के साथ उजागर किया था तो आप की सरकार चली गई थी।
गलतफहमी दूर कर लें, कभी राजद-जदयू की दोस्ती नहीं हो सकती
राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने प्रारंभिक जांच का मामला तो सितंबर 2021 में ही दर्ज कर लिया था। उन्होंने कहा कि पांच मामलों में सजायाफ्ता और जिसका पूरा परिवार भ्रष्टाचार के मामले में जमानत पर है, उससे यदि कोई दोस्ती करना चाहेगा तो यह छोटा मामला कभी बाधक नहीं बन सकता है, लेकिन गलतफहमी दूर कर लें कि अब कभी राजद-जदयू की दोस्ती नहीं हो सकती है।
राजनीतिक लाभ के लिए अब हिला रहे दुम
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आज अगर लालू प्रसाद यादव की दुर्दशा है तो वही लोग जिम्मेवार हैं जिन्होंने पहले मुकदमा दायर किया, ज्ञापन दिया और अब राजनीतिक लाभ के लिए राजद सुप्रीमो के सामने दुम हिला रहे हैं।




