बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच चुकी है। अप्रैल का महीना राजनीतिक हलचल से भरपूर रहने वाला है। जहां एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार का दौरा करेंगे, वहीं लोजपा (पारस गुट) के नेता पशुपति पारस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी अपनी सियासी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की भी अटकलें तेज हो गई हैं।
7 अप्रैल को बिहार में राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 7 अप्रैल को पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेंगे। यह इस साल उनका बिहार का तीसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 18 जनवरी और 4 फरवरी को राज्य का दौरा कर चुके हैं। राहुल के इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है।
14 अप्रैल को पशुपति पारस की ताकत दिखेगी
लोजपा (पारस गुट) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस 14 अप्रैल को पटना में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। यह रैली बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित होगी। इस रैली में पारस यह ऐलान कर सकते हैं कि उनकी पार्टी किस गठबंधन में शामिल होगी—एनडीए या महागठबंधन। इस घोषणा पर पूरे बिहार की सियासत टिकी रहेगी।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री?
15 अप्रैल के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चाएं जोरों पर हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। निशांत अब तक राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन अगर वे पार्टी में शामिल होते हैं, तो यह जेडीयू के लिए बड़ी रणनीतिक चाल साबित हो सकती है।
पीएम मोदी का 24 अप्रैल को बिहार दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को बिहार आएंगे और कई विकास योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे। इसमें पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन और बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रमुख रूप से शामिल है। फरवरी में भागलपुर दौरे के बाद पीएम मोदी का यह दूसरा बिहार दौरा होगा, जिससे राज्य की सियासत और गर्माएगी।
24 अप्रैल को ही राजद की महारैली
पीएम मोदी के दौरे के दिन ही विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी पटना में एक विशाल रैली करने की योजना बना रही है। लालू प्रसाद यादव इस रैली का नेतृत्व करेंगे। राजद इस रैली के जरिए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करेगा और चुनावी बिगुल फूंकेगा।
अप्रैल में राजनीतिक माहौल रहेगा गरम
अप्रैल का महीना बिहार की राजनीति में कई बड़े बदलाव लेकर आ सकता है। जहां राहुल और मोदी के दौरे अहम होंगे, वहीं पशुपति पारस और राजद की रैलियां भी चर्चाओं में रहेंगी। साथ ही, निशांत कुमार की संभावित एंट्री जेडीयू की रणनीति में नया मोड़ ला सकती है। अब देखना होगा कि इन घटनाओं का बिहार की चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ता है।




