पटना: बिहार सरकार ने 2025 के लिए 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले साल की तुलना में 38,167 करोड़ रुपये अधिक है। चुनावी साल को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इस बजट में महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए महिलाओं के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की। इनमें गरीब कन्याओं के लिए विवाह मंडप, महिला सिपाहियों के लिए आवासीय सुविधा, महिला हाट, पिंक टॉयलेट और महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केंद्र जैसी योजनाएं शामिल हैं।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और विकास को ध्यान में रखते हुए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी। पंचायत स्तर पर गरीब कन्याओं के विवाह के लिए विवाह मंडप बनाए जाएंगे, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी। महिलाओं की सुविधा के लिए प्रमुख बाजारों में महिला हाट और पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा, बिहार के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षक भी महिलाएं ही होंगी।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र: 20,335 करोड़ रुपये का प्रावधान
शहरी और ग्रामीण सड़कें: 17,908 करोड़ रुपये
गृह विभाग: 17,831 करोड़ रुपये
ग्रामीण विकास विभाग: 16,093 करोड़ रुपये
ऊर्जा विभाग: 13,483 करोड़ रुपये
कृषि और बुनियादी ढांचे में सुधार
बजट में कृषि क्षेत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण और विकास के लिए 1.289 करोड़ रुपये की योजना लागू की जाएगी। साथ ही, अरहर, मूंग, उड़द जैसी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी।
परिवहन और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार
राज्य के सभी जिलों में बस स्टैंडों को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम होगी। सभी अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी फसल के उचित भंडारण की सुविधा मिलेगी।
बिहार के बजट में निरंतर वृद्धि
वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार का बजट 2004-05 में केवल 23,088 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने दावा किया कि यह बजट गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा और बिहार के विकास को नई गति देगा।




