नई दिल्ली: दिल्ली शराब घोटाले (Delhi Liquor Scam) में बड़ी कार्रवाई करते हुए गृह मंत्रालय ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का केस चलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अनुमति दे दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल नवंबर में दिए गए आदेश के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अथॉरिटी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
ED ने पेश की चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। केजरीवाल ने इस चार्जशीट के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर रोक लगाने की मांग की थी। ED ने 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था और मई में उनके और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
केजरीवाल और सिसोदिया को बताया मास्टरमाइंड
ED ने अपनी चार्जशीट में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों नेताओं ने साउथ लॉबी की मदद के लिए 2021-22 की आबकारी नीति में बदलाव किए, जिसके तहत कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस रिश्वत में से 45 करोड़ रुपये आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार में खर्च किए थे।
चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटका
दिल्ली में 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे समय में यह मामला आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। पार्टी ने चुनाव के लिए अपने सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, लेकिन केजरीवाल और सिसोदिया पर लगे आरोपों के चलते पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आम आदमी पार्टी का कहना है कि अब तक इस मामले में कुछ भी ठोस नहीं मिला है और यह कार्रवाई उन्हें चुनाव से पहले बदनाम करने की साजिश है। आम आदमी पार्टी पर लगे आरोपों की सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में स्पष्ट हो पाएगा।




