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नैनीताल, 1 सितम्बर 2021

उत्तराखंड में सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। हाईकोर्ट ने बुधवार एक सितंबर को सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक को हटा दी है। मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि ये नियुक्तियां कोर्ट के आदेश के अधीन रहेंगी। इसके साथ ही

कोर्ट ने सरकार को अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रकिया में सम्मिलित करते हुए भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई। इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने 16 दिसंबर 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 6 जनवरी 2021 को जारी आदेशों में एनआईओएस की दूरस्थ शिक्षा पद्धति से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को अन्य माध्यमों से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के समान माना है। इस प्रकार राज्य सरकार, केंद्र सरकार के विरोधाभासी आदेश नहीं कर सकती। इन तर्कों के आधार पर पूर्व में कोर्ट ने राज्य सरकार के उक्त शासनादेश पर रोक लगा दी है। साथ ही इन अभ्यर्थियों को भी सहायक अध्यापक प्राथमिक शिक्षा की भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी कहा है कि इनकी नियुक्ति 2012 की नियमावली और शिक्षा का अधिकार अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत करें।

आपको बता दें कि जितेंद्र सिंह और अन्य ने राज्य सरकार के 10 फरवरी 2021 के शासनादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि वो 2019 में एनआईओएस के दूरस्थ शिक्षा माध्यम से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त हैं। लेकिन राज्य सरकार ने उक्त माध्यम से प्रशिक्षितों को सहायक अध्यापक प्राथमिक की नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया।