भागलपुर। लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह जमुई के सांसद चिराग पासवान के पटना स्थित आवास पर जदयू के जमुई जिलाध्यक्ष शंभू शरण से घंटों बातचीत की। इस मुलाकात की ताजा तस्वीरें लोजपा रामविलास ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर साझा की। पार्टी ने लिखा, ‘आज जमुई के जेडीयू से जिला अध्यक्ष श्री शंभू शरण सिंह जी ने लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री चिराग पासवान जी से उनके पटना श्रीकृष्णापुरी आवास पर मुलाकात की।’
पार्टी ने इस बात का कोई जिक्र नहीं किया कि आखिर क्यों जेडीयू के जिलाध्यक्ष लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने पहुंचे। फिर क्या था? राजनीतिक गलियारों में गर्मी तेज हो गई। चर्चा का बाजार गर्म होने लगा कि आखिर अब चिराग पासवान चाचा नीतीश कुमार के साथ कौन सा खेल खेलने वाले हैं?
जेडीयू जिलाध्यक्ष शंभु शरण ने कहा, ‘हां आज मैं पटना में हूं। बिहार के कई अधिकारियों के साथ-साथ अपने जिले के सांसद चिराग पासवान जी से मिलने गया था।’
क्यों गए थे मिलने?
शंभु शरण ने आगे बताया कि 27 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी है। इसी समारोह में जिले के सांसद को आमंत्रित करने वे पटना गए थे। उन्होंने बताया कि सीएम सर समेत कई मंत्रियों और अधिकारियों को बेटी की शादी में आने के लिए आमंत्रित किया है।
शंभू शरण ने कहा कि उनकी बेटी प्रीति की शादी 27 अप्रैल को है। यह शादी दहेज मुक्त तय हुई है। सादगी पूर्ण आदर्श विवाह समारोह में भाग लेने के लिए सभी को आमंत्रित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री नतीश कुमार और जमुई सांसद चिराग पासवान ने शादी समारोह में आ सकते हैं।
यहां बता दें कि जमुई के जदयू जिलाध्यक्ष शंभू शरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीब हैं। अक्सर उनकी भेंट नीतीश कुमार से होती रहती है। बता दें कि शंभू शरण अपने सांसद चिराग पासवान से भी अक्सर मिलते हैं। हालांकि, उनके अनुसार यह भेंट अपने क्षेत्र के विकास से जुड़ा रहती है। आज की मुलाकात के कोई सियासी मायने नहीं हैं।
राजनीति गलियारे में खूब हो रही चर्चा
यहां बता दें कि लोजपा के अधिकारिक इंटरनेट मीडिया एकाउंट से शंभू शरण और चिराग पासवान की भेंट की तस्वीर लगातार शेयर की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि लोजपा जदयू में सेंधमारी करने का प्रयास कर रही है। शादी का आमंत्रण पत्र देने के दौरान घंटों तक दोनों में बातचीत हुई है। चिराग पासवान खुद उनसे उत्साहित नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह, जो बाद में बिहार सरकार में मंत्री बने, उनसे चिराग पासवान और शंभू शरण की नहीं बनती है। यह चर्चा यहां आम हैं। विधान परिषद चुनाव परिणाम के बाद दोनों की भेंट को उसी नजरि ए से देखा जा रहा है।




