शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम वसंत पंचमी, जानें इस दिन के विशेष महत्व और क्या करें खास

द फ्रंट डेस्क, वसंत पंचमी का त्योहार मां सरस्वती की आराधना और विद्या, बुद्धि व कला के विकास के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 2 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। यह दिन न केवल शिक्षा की शुरुआत के लिए बल्कि मांगलिक कार्यों, खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन क्या खास कर सकते हैं—

विद्या और शिक्षा की शुरुआत के लिए उत्तम दिन                                                               

  • वसंत पंचमी पर विद्यार्थियों को मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए ताकि उनका ज्ञान और बुद्धि बढ़े।
  • इस दिन छोटे बच्चों को अक्षर लेखन सिखाने की परंपरा है, जिसे पाटी पूजन कहा जाता है।
  • घर में माता-पिता अपने बच्चों से स्वास्तिक और “ॐ” का अंकन करवाएं और मां सरस्वती की आराधना करें।
  • परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

  विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त

  • वसंत पंचमी को शादी, सगाई, गृह प्रवेश, भूमि पूजन जैसे कार्य बिना किसी मुहूर्त विचार के किए जा सकते हैं।
  • इस दिन विवाह करने वाले जोड़ों का रिश्ता सात जन्मों तक अटूट माना जाता है।
  • ज्योतिष के अनुसार, यह दिन दोषरहित और सर्वश्रेष्ठ योग लेकर आता है, जिससे किए गए कार्य सफल होते हैं।

खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ समय

  • वाहन, जमीन, नया घर, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि की खरीदारी के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।
  • व्यवसाय शुरू करने या किसी नए प्रोजेक्ट की नींव रखने के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ है।
  • यह अबूझ मुहूर्त होता है, जिसमें बिना किसी विशेष गणना के कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है।

इस दिन क्या करें?

  • पीले या बसंती रंग के वस्त्र पहनें, क्योंकि यह रंग वसंत का प्रतीक होता है।
  • मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र पर कुमकुम और अक्षत से तिलक करें।
  • बच्चों से लकड़ी की पट्टी या कागज पर स्वास्तिक और “ॐ” बनवाकर पूजन कराएं।
  • मां सरस्वती को मीठे और पीले व्यंजन का भोग लगाएं।
  • विद्यार्थी संगीत, कला और लेखन से जुड़े कार्य शुरू करें।

वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। इस दिन मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए शिक्षा, विवाह, व्यापार और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करना अत्यंत फलदायी होता है। इसलिए, इस पावन अवसर पर सकारात्मक ऊर्जा के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत करें और मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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