लाहौर: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा। वह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दूसरे सेमीफाइनल में गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर में शामिल हुए, जहां न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला खेला गया। इस दौरान जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे भारत की पाकिस्तान यात्रा को लेकर सवाल किया, तो शुक्ला ने स्पष्ट जवाब देते हुए स्थिति को सटीकता से स्पष्ट किया।
BCCI-PBC के बीच बातचीत की झलक
बीसीसीआई ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारतीय टीम पाकिस्तान में नहीं खेलेगी और सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत के सभी मैच तटस्थ स्थल दुबई में आयोजित किए जाएंगे। इसके बावजूद, शुक्ला की लाहौर यात्रा को दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में सुधार की दिशा में एक संभावित संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि बीसीसीआई सरकार के निर्देशों के अनुसार ही कोई निर्णय लेगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस महत्वपूर्ण सेमीफाइनल में शुक्ला की उपस्थिति की पुष्टि करते हुए एक आधिकारिक पोस्ट साझा की। पीसीबी ने लिखा, “पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के साथ गद्दाफी स्टेडियम में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में शामिल हुए। बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी भी यह मैच देख रहे हैं।”
क्रिकेट संबंधों में सुधार का संकेत?
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन ‘फ्यूजन फॉर्मूला’ के तहत दोनों देशों के मैच तटस्थ स्थानों पर खेले जाएंगे। यह व्यवस्था अगले तीन वर्षों तक लागू रहेगी, जिसमें आईसीसी टूर्नामेंटों के दौरान भारत और पाकिस्तान किसी भी द्विपक्षीय या बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में सीधा मुकाबला पाकिस्तान में नहीं खेलेंगे।
राजीव शुक्ला की लाहौर यात्रा इस संदर्भ में अहम मानी जा रही है, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि बीसीसीआई और पीसीबी के बीच किसी नई सहमति पर चर्चा हुई या नहीं। हालांकि, यह यात्रा क्रिकेट कूटनीति के तहत संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक संकेत हो सकती है।
पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर सटीक जवाब
सेमीफाइनल के दौरान जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल किया, तो शुक्ला ने संयमित लेकिन करारा जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि बीसीसीआई के निर्णय भारतीय सरकार के निर्देशों के तहत लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “हम जो भी निर्णय लेते हैं, वह सरकार के निर्देशों के अनुसार होता है। क्रिकेट को राजनीति से अलग रखना चाहिए, लेकिन सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है।”
शुक्ला के इस जवाब ने साफ कर दिया कि भारत अपनी क्रिकेट नीतियों पर अडिग रहेगा और कोई भी निर्णय सरकार की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज की संभावना नहीं है।
क्या भविष्य में बदलेगा समीकरण?
भले ही राजीव शुक्ला की इस यात्रा को एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड भविष्य में कोई नया रास्ता निकाल सकते हैं। फिलहाल, भारत आईसीसी टूर्नामेंटों के अलावा पाकिस्तान के साथ कोई भी क्रिकेट श्रृंखला खेलने के मूड में नहीं दिखता।
भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और क्रिकेट संबंधों में हमेशा से ही तनाव और उत्साह का मिश्रण रहा है। शुक्ला की लाहौर यात्रा भले ही क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई हो, लेकिन बीसीसीआई अपने निर्णयों में सरकार की मंजूरी को सर्वोपरि रखेगा।




