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देहरादून, 9 नवंबर 2021

1. उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों, जिनको रू. 3100 पेंशन प्राप्त हो रही है, को बढ़ाकर रू. 4500 तथा जिनको रू. 5000 पेंशन प्राप्त हो रही है, को बढ़ाकर रू. 6000 किया जायेगा।

2. राज्य के प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर अध्ययनरत छात्राओं के शिक्षा को सुगम एवं सुविधायुक्त बनाने हेतु एक-एक महिला छात्रावास का निर्माण किया जायेगा।

3. राज्य में आवश्यकतानुसार जनपद मुख्यालयों पर कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जायेगा।

4. ईजा-बोई शगुन योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के सुरक्षित स्वास्थ्य हेतु अस्पतालों में 48 घण्टे रुकने वाली प्रसूता महिला को रू. 2000 उपहार धनराशि भेंट की जायेगी।

5. जी रैया चेली-जागी रैया नौनी योजना के तहत 11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों को टी.एच.आर. सुविधा प्रदान की जायेगी। 11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों को सेनेटरी नैपकीन उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में सेनेटरी नैपकीन वेण्डिंग मशीन की स्थापना की जायेगी। 11 से 18 आयु वर्ग की किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य परीक्षण यथाः हीमोग्लोबीन इत्यादि की जाँच निःशुल्क की जायेगी तथा हेल्प लाईन नं० 104 के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जायेगा।

6. आरोग्य उत्तराखण्ड क्रोनिक डीजीज (दीर्घकालिक एवं पुरानी बिमारियां) के उपचार में ली जाने वाली दवाइयों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा।

7. देहरादून एवं हल्द्वानी में नशामुक्ति केंद्र की स्थापना की जायेगी।

8. राज्य में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन डेवलपमेंट की स्थापना की जायेगी।

9. कोविड-19 में सराहनीय कार्य के दृष्टिगत एनएचएम के कर्मियों को रू. 10,000 एकमुश्त प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी।

10. राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने हेतु राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।

11. ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से संचालित 32 सेवाओं को अद्यतन करते हुए कुल 75 सेवाओं को ’’अपणि सरकार पोर्टल’’ के माध्यम से आम जनमानस को लाभ पहुंचाया जाएगा।

12. सेवा का अधिकार अधिनियिम में अधिसूचित अवशेष 190 सेवाओं को भी शीघ्र ही ’’अपणि सरकार पोर्टल’’ के माध्यम से संचालित कर आम जनमानस को लाभ पहुंचाया जाएगा।

13. प्रदेश में खेल को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को खेल की विभिन्न विधाओं से जोड़ने के लिए ’’खेल नीति-2021’’ तुरन्त लागू की जाएगी।

14. उत्तराखंड में स्वास्थ्य, पर्यटन से राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने हेतु राज्य को आयुष वेलनैस का हब बनाया जाएगा। जिसके अन्तर्गंत गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक गृहों में आयुष वेलनैस सेन्टर खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों व आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई हैं। इनमें से बहुत सी परियोजनाओं पर काम हो गया है और अन्य पर काम तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना है कि 2025 तक उत्तराखंड के प्रत्येक गांव को लिंक मार्गों के माध्यम से बड़े राजमार्गों और ऑल वेदर रोड से जोड़ सकें। जिससे पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके और पलायन की समस्या से उत्तराखंड को मुक्ति दिलाकर पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाया जा सके। उन्होंने कहा कि विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र धर्म स्थल हेमकुंड साहब को शीघ्र ही रोपवे से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इसी योजना के अन्तर्गत 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम तक केबल कार द्वारा पहुंचा जा सकेगा। राज्य सरकार नैनीताल में स्थित कैंचीधाम के विकास के लिए भी काम कर रही है जिसके अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्य किए जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य अतुलनीय प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं भी समय-समय पर हमारी परीक्षाएं लेती रही हैं। पिछले दिनों अतिवृष्टि के कारण आई आपदा इसका एक उदाहरण है, जिसमें कई लोगों ने जान गंवाईं, जो अत्यन्त दुखद है। मैं उन सभी मृत आत्माओं के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं । राज्य सरकार आपदाओं का सामना त्वरित गति से करने के लिए संकल्पबद्ध है। इसी के परिणाम स्वरुप गत दिनों में आई आपदा का सामना हम सही प्रकार से कर सके और समय से राहत व बचाव कार्यों को संचालित कर कई लोगों की जान भी बचा सके। उन्होंने आपदा के समय हमेशा आगे रहकर लोगों की मदद करने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ समेत सभी सम्बन्धित विभागों की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क कोविड वैक्सीनेशन महाअभियान संचालित किया जा रहा है। हाल ही में हमारे देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन डोज का पड़ाव पार किया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड, 18 वर्ष से अधिक सभी नागरिकों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाये जाने वाला राज्य बन गया है। शत-प्रतिशत दूसरी डोज का लक्ष्य भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा कार्यकाल दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित रहा है। यह पहली सरकार है जिसने पलायन को गम्भीरता से लिया और रिवर्स पलायन को साकार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष व वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। सीमांत तहसीलों के लिए ’’मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’’ शुरू की है तथा सभी न्याय पंचायतों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ’’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना द्वारा स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश की है। सरकार द्वारा शुरू की गई होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अपेक्षा के अनुसार हम वर्ष 2025 तक जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब हम उसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए हम ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं। जिसके द्वारा हम अन्त्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त कर सकें और उत्तराखंड को सच्चे अर्थों में देवभूमि बना सकें।