नई दिल्ली: राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की और कहा कि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है, जो अपनी सेना और सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।
शहीदों को श्रद्धांजलि और सुरक्षा का संकल्प
गृह मंत्री ने कहा, “देश की आजादी के बाद सीमाओं की रक्षा के लिए जिन जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। शहीदों के परिवारों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने अपने बेटों को देश की सुरक्षा के लिए समर्पित किया।” उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय आंतरिक और सीमा सुरक्षा को संभालता है, लेकिन कई बार कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों की होने के बावजूद, कुछ अपराध और चुनौतियाँ राष्ट्रीय स्तर पर सामने आती हैं, जिनका समाधान केंद्र सरकार को करना पड़ता है।
तीन प्रमुख सुरक्षा चुनौतियाँ और उनका समाधान
अमित शाह ने कहा कि जब 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई, तो देश तीन बड़ी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था— जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद। इन समस्याओं के कारण हजारों नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हर त्योहार, हर दिन सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। पहले की सरकारें आतंकवाद के खिलाफ चुप्पी साधे रहती थीं, लेकिन मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई।
सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से बदला
गृह मंत्री ने उड़ी और पुलवामा हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार चुप बैठने वालों में से नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमने सिर्फ दस दिन में पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की। इससे आतंकियों और उनके समर्थकों को कड़ा संदेश मिला कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।”
अमित शाह ने आगे कहा कि पहले सिर्फ दो ही देश— इजराइल और अमेरिका— अपनी सेना और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर तत्पर रहते थे। लेकिन अब इस सूची में भारत का भी नाम शामिल हो गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के सामने एक मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा है, जो अपनी रक्षा करने में सक्षम है और दुश्मनों को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार रहता है।
अनुच्छेद 370 हटाकर कश्मीर में शांति
गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की सबसे बड़ी जड़ अनुच्छेद 370 थी, जिसे मोदी सरकार ने हटाकर कश्मीर को पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग बना दिया। उन्होंने कहा कि अब वहां आतंकवाद की घटनाओं में भारी गिरावट आई है और विकास की नई राह खुली है।
वामपंथी और पूर्वोत्तर उग्रवाद पर नियंत्रण
उन्होंने बताया कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, जिसके चलते माओवादी हमलों में भारी कमी आई है। पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई उग्रवादी संगठनों से समझौते किए हैं, जिससे वहाँ अब स्थिरता और विकास का माहौल बना है।
भारत की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब भारत की सीमाएँ सुरक्षित हैं, आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है और देश अपने दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अंत में गृह मंत्री ने दोहराया कि भारत अब सिर्फ एक उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र है, जो किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।




