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नई दिल्ली, 6जनवरी 2021

127 मिमी मीडियम कैलिबर बंदूकें अमेरिकी बीएई सिस्टम द्वारा निर्मित की जाती हैं. भारत 11 ऐसे हथियारों को खरीदने के लिए अमेरिका के साथ चर्चा कर रहा है.

चीन से जारी सीमा विवाद के बीच भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ने वाली है. अमेरिका ने भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को तत्काल कैलिबर बंदूकों से लैस करने पर सहमति दे दी है. सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा कि भारत अमेरिकी नौसेना के कैलिबर गन को लेने की ओर कदम बढ़ा रहा है. इन हथियारों को युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा.

127 मिमी मीडियम कैलिबर बंदूकें अमेरिकी बीएई सिस्टम द्वारा निर्मित की जाती हैं. भारत 11 ऐसे हथियारों को खरीदने के लिए अमेरिका के साथ चर्चा कर रहा है. ये डील 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर की होगी. भारत ने 11 127 मिमी मीडियम कैलिबर गन हासिल करने के लिए अमेरिकी सरकार को एक पत्र भी लिखा है.

अमेरिकी प्रशासन को लिखी गई चिट्ठी के मुताबिक, भारतीय नौसेना को पहली तीन बंदूकें अमेरिकी नौसेना के स्टॉक से देने की मांग की गई है, जिसके कि भारतीय नौसेना की युद्धपोतों को इसे जल्द से जल्द लैस कर दिया जाए. बता दें कि अमेरिका और भारत के रक्षा संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं.

हाल ही में भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी के वास्ते अपने बेड़े में अमेरिका से लीज पर दो प्रीडेटर ड्रोन शामिल किए हैं. 30 घंटे से अधिक समय तक निगरानी करने में सक्षम ये ड्रोन भारतीय नौसेना के आईएनएस राजली एयरबेस पर तैनात किए गए हैं.

ये दोनों दो प्रीडेटर ड्रोन नवंबर के मध्य में भारत पहुंचे और नवंबर के तीसरे सप्ताह में इन्होंने काम करना शुरू कर दिया. सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना ने अमेरिकी ड्रोन के साथ लीज समझौते के तहत इन्हें हासिल किया है.

अमेरिका से इन हथियारों को मिलना इस वजह से भी अहम है क्योंकि भारत का चीन के साथ बीते करीब 8 महीने से तनाव जारी है. दोनों देशों के बीच मई के शुरुआती दिनों से सीमा पर विवाद चल रहा है. जून में गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे.