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वाराणसी, 4 नवंबर 2021

दीपावली पर पटाखों से होंने वाले प्रदूषण को देखते हुए बनारस के एक छात्र ने इकोफ्रैन्डली राकेट बनाया है। यह रॉकेट त्योहार पर आतिशबाजी का मजा तो देगा लेकिन प्रदूषण नहीं करेगा। इसका मजा लेने के लिए आग जलाने का झंझट नहीं करना पड़ेगा,बल्कि व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से असमान पर रोशनी कर सकेंगे। वाराणसी के अशोका इंस्टिट्यूट के छात्र उत्सव त्रिपाठी ने स्वदेषी प्रदूषण रहित इलेक्ट्रॉनिक चीनी-सोडा से एक इकोफ्रैन्डली राकेट का इजाद किया है। यह राकेट फेसबुक और व्हाट्सएप से भी जुड़े हुए हैं। जैसे ही आप इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मैसेज भेजेंगे, तो यह राकेट असमान में दग जाएगा।

उत्सव त्रिपाठी ने बताया कि दीपावाली में अक्सर देखते हैं छोटे बच्चों के पाटखा जलाने से हांथ जलने और वातावरण में प्रदूषण की समस्याएं देखी गयी है। इन्हीं सबको देखते हुए यह इकोफ्रैन्डली राकेट बनाया है, जो व्हाट्सएप और फेसबुक में कमांड देने से उपर असमान में आवाज के साथ रोशनी भी करेगा। उन्होंने बताया कि इस राकेट को हम ऑर्डिनो सर्किट से कनेक्ट किया जाता है। फिर मोबाइल के माध्यम से संदेश भेजा जाएगा। सोशल मीडया प्लेट फार्म में हलो का मैसेज भेजते ही यह जल उठेगा। संदेश भेजने में एक बाइब्रेशन बनने लगता है। बाइब्रेशन ऊर्जा का एक रूप है। यह हीट एनर्जी बनाता है। यह जब मसाले पर लगता है तो आग जल जाती है और राकेट असमान की ओर आवाज करके उड़ जाता है।

त्रिपाठी ने बताया कि इसे बनाने के लिए काठ बोर्ड, पोटैषियम, सोडा, चीनी, चार्ट पेपर, चिकनी मिट्टी का प्रयोग किया गया है। यह राकेट प्रदूषण रहित है। आप फेसबुक की मदद से एक मैसेज कमांड के जरिये दूर रखें राकेट को जला सकतें है। इसे बच्चों की सेफ्टी और बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए छात्रों ने तैयार किया है। मेक इन इंडिया से प्रेरित होकर लोकल फॉर वोकल के तहत हैं, इसमें इस्तेमाल किये गये सारी सामग्री यहीं की है। इस प्रोजेक्ट को छात्रों ने अशोका इंस्टिट्यूट के रिसर्च एन्ड डवलपमेंट लैब में तैयार किया है।

उन्होंने बताया कि इसे बनाने में 7 दिनों का समय लगा है और 600 रुपये का खर्च आया है। इसे खासतौर पर बच्चों के लिए बनाया गया है।

अशोका इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के चेयरमैन अंकित मौर्या और वाइस चेयर मैन अमित मौर्या ने बताया कि हमारे संस्थान में बच्चे नये-नए अभिनव प्रयोग करते रहते है। यह दिवाली के मौके पर प्रदूषण रहित राकेट बनाया गया है जो कि बहुत अच्छा गिफ्ट है। इससे बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा हो सकेगी। यह बहुत अच्छा प्रयोग है। बच्चों को ऐसे प्रयोग करते रहना चाहिए। जिससे वह आत्मनिर्भर बनकर मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे सके।