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नई दिल्ली, 5 फरवरी 2021

किसान आंदोलन के समर्थन मे ट्वीट किए जाने के बाद टीनएज क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनगबर्ग के ट्वीट को लेकर गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि ग्रेटा ने एक ट्वीट में एक टूलकिट साझा किया था, जिसमें भारत के हितों के खिलाफ साजिश की रूपरेखा थी. हालांकि, एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से इस मसले पर काफी आलोचना हो रही है. लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसे लेकर दिल्ली पुलिस पर हमला किया.

अपने एक ट्वीट में ओवैसी ने लिखा कि ‘दिल्ली की सड़कों से अपराध का पूरा खात्मा कर चुकी दिल्ली पुलिस अब भारत की सबसे बड़ी दुश्मन- विचार रखने वाली एक स्वीडिश टीनएजर- से लड़ने की चुनौती स्वीकार कर चुकी है. अगला एफआईआर किसपर होगा? जानवरों पर अत्याचार करने के आरोप में सैंटा क्लॉज़ पर? दिल्ली दंगों के पीड़ित अभी तक न्याय का इंतजार कर रहे हैं.’

बता दें कि गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने सेक्शन 124 A (sedition), 153A, 153 और 120 B के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने एक कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उसके एफआईआर में किसी के नाम का जिक्र नहीं है और यह एफआईआर ग्रेटा थनबर्ग की ओर से ट्वीट किए गए एक टूलकिट के आधार पर किया गया है. पुलिस के अनुसार, इसमें खास तारीख पर ‘ट्विटर स्ट्रॉर्म’ का भी जिक्र किया गया है. पुलिस टूलकिट की जांच कर रही है. उसका कहना है कि इस टूलकिट के जरिये माहौल खराब करने और भारत सरकार की छवि खराब करने की साजिश रची गई थी.

वहीं, किसान आंदोलन के समर्थन में विदश से समर्थन आने पर बुधवार को विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी आलोचना की थी और कहा था कि निहित स्वार्थ के तहत कुछ ताकतें किसान आंदोलन के जरिए देश में अपना एजेंडा थोप रही हैं.