नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने रविवार को अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना (Agnipath military recruitment scheme) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रयोगशाला के इस ‘‘नए प्रयोग’’ से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य खतरे में है।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि 60,000 सैनिक हर साल रिटायर होते हैं। इनमें से सिर्फ 3000 को सरकारी नौकरी मिल रही है। 4 साल के ठेके पर हजारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? प्रधानमंत्री की प्रयोगशाला के इस नए प्रयोग से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य दोनों खतरे में है।
अग्निपथ के खिलाफ हुए थे हिंसक विरोध प्रदर्शन
गौरतल है कि केंद्र सरकार ने 14 जून को अग्निपथ योजना सार्वजनिक किया था। इसके बाद लगभग एक सप्ताह तक कई राज्यों में इसके खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। कई विपक्षी दलों ने इसे वापस लेने की मांग की थी। इसके चलते सरकार ने 16 जून को इस योजना के तहत भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को वर्ष 2022 के लिए 21 से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया था। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सेवानिवृत्ति के बाद अग्निवीरों के लिए प्राथमिकता जैसे कई कदमों की घोषणा की।
अग्निपथ योजना के तहत चल रही भर्ती
थलसेना, वायु सेना और नौसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती चल रही है। अग्निपथ भर्ती योजना के तहत वायुसेना में शामिल होने के लिए देशभर के 7,49,899 युवक-युवतियों ने आवेदन दिया था। इससे पहले कभी इतनी अधिक संख्या में आवेदन नहीं मिले थे। इससे पहले अधिकतम आवेदनों की संख्या 6,31,528 थी। अग्निपथ योजना के तहत भारतीय नौसेना (Indian Navy) में शामिल होने के लिए 3.03 लाख युवाओं ने आवेदन दिया है। नौसेना ने 2 जुलाई से भर्ती प्रक्रिया शुरू किया है।




