यूपी में आज शाम 6 बजे बजेगा सायरन, पूरे प्रदेश में होंगी बत्तियां गुल; क्या है ‘ब्लैकआउट’ का पूरा प्लान?

यूपी में आज शाम 6 बजे बजेगा सायरन, पूरे प्रदेश में होंगी बत्तियां गुल; क्या है ‘ब्लैकआउट’ का पूरा प्लान?

आज, 23 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश में शाम ठीक 6:00 बजे एक साथ सायरन बजेगा और पूरे प्रदेश में कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाएगा। दरअसल, राज्य सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को परखने के उद्देश्य से ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित करने का फैसला किया है। यह अभ्यास किसी वास्तविक खतरे के कारण नहीं, बल्कि संभावित आपात स्थितियों—खासतौर पर हवाई हमलों या युद्ध जैसी परिस्थितियों—से निपटने की तैयारी का आकलन करने के लिए किया जा रहा है।

क्या है ब्लैकआउट मॉक ड्रिल

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल एक पूर्व नियोजित सुरक्षा अभ्यास होता है, जिसमें तय समय पर सायरन बजते ही आम नागरिकों और संस्थानों को सभी प्रकार की रोशनी बंद करनी होती है। इसका मकसद यह देखना होता है कि आपात हालात में सरकार, प्रशासन और आम लोग कितनी तेजी, संयम और अनुशासन के साथ निर्देशों का पालन कर सकते हैं।

सायरन बजते ही क्या करना होगा

प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि जैसे ही सायरन बजे, लोग अपने घरों, दुकानों, दफ्तरों और अन्य प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें तुरंत बंद कर दें। खिड़की, दरवाजे या बालकनी से किसी भी तरह की रोशनी बाहर नहीं जानी चाहिए। मोबाइल की फ्लैशलाइट, टॉर्च, मोमबत्ती या माचिस जलाने पर भी रोक रहेगी। अगर कहीं से रोशनी बाहर जाने की आशंका हो, तो वहां काला कपड़ा या कागज लगाने की सलाह दी गई है।

किन एजेंसियों की होगी भागीदारी

इस मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग समेत कई अहम एजेंसियां शामिल होंगी। इसके अलावा एनसीसी, स्काउट-गाइड और स्वयंसेवी संगठन भी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों का अभ्यास करेंगे। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ यह परखेंगे कि संकट की घड़ी में किसकी क्या भूमिका होगी और प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी रहती है।

क्यों जरूरी है यह अभ्यास

सरकार का कहना है कि आधुनिक युद्ध या आपात स्थितियों में रोशनी दुश्मन को किसी इलाके की सटीक जानकारी दे सकती है। ब्लैकआउट के जरिए लोकेशन छिपाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। इस अभ्यास का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि जागरूकता और तैयारी को मजबूत करना है, ताकि भविष्य में कभी ऐसी स्थिति बने तो अफरा-तफरी के बजाय संयम से काम लिया जा सके।

ब्लैकआउट के दौरान ये सावधानियां जरूरी

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान घर के अंदर ही रहें। बाहर होने की स्थिति में दौड़ने या शोर-शराबे से बचें और धीरे-धीरे चलें, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। धूम्रपान से भी परहेज करने की सलाह दी गई है, क्योंकि आग की हल्की सी चिंगारी भी खतरा बन सकती है।

जनता की भूमिका सबसे अहम

राज्य सरकार और प्रशासन ने साफ कहा है कि इस मॉक ड्रिल की सफलता जनता के सहयोग पर निर्भर करती है। यह केवल एक अभ्यास है, लेकिन इसके जरिए यह समझना बेहद जरूरी है कि आपात हालात में छोटी-छोटी सावधानियां कैसे बड़ी सुरक्षा साबित हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, आज शाम होने जा रही यह ब्लैकआउट मॉक ड्रिल उत्तर प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों को परखने और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। प्रशासन की अपील है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह नियमों का पालन करें और इस अभ्यास को सफल बनाएं।

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