देहरादून, 6 अगस्त 2021

उत्तराखंड चुनाव 2022 के लिए बिगुल फूंकने की रणनीति के तहत भारतीय जनता पार्टी राज्य में 17 अगस्त से जन आशीर्वाद यात्रा शुरू करेगी, जिसके साथ ही पार्टी का चुनाव प्रचार अभियान प्रदेश भर में शुरू हो जाएगा. वास्तव में, भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर जन आशीर्वाद यात्रा का ऐलान किया है, जिसे पश्चिम बंगाल में शहीद सम्मान यात्रा कहा जाएगा. इसी के अंतर्गत उत्तराखंड में 17 अगस्त को इस यात्रा का शुभारंभ हरिद्वार ज़िले के नरसैण बॉर्डर से केंद्रीय राज्य मंत्री बनाए गए अजय भट्ट करेंगे, जो उत्तराखंड के नैनीताल संसदीय क्षेत्र से सांसद भी हैं.

हरिद्वार से शुरू होकर यह यात्रा मंगलौर, रुड़की, भगवानपुर, मोहांण, दत्त काली मंदिर होते हुए देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचेगी. 18 अगस्त को यह यात्रा ऋषिकेश और हरिद्वार की तरफ बढ़ेगी और उसके बाद ऊधमसिंह नगर, नैनीताल से गुज़रते हुए 19 ​अगस्त को अल्मोड़ा में संपन्न होगी. राज्य में भाजपा के सचिव पुष्कर काला को इस यात्रा का समन्वयक बनाया गया है. काला ने बताया कि अजय भट्ट के नेतृत्व में जन आशीर्वाद यात्रा पांच ज़िलों में भ्रमण करेगी.

स्वागत होगा, मंदिरों में लेंगे आशीर्वाद
भाजपा के ज़िला पदाधिकारी विकास तिवारी के मुताबिक इस यात्रा के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश है. यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों पर भव्य स्वागत की तैयारियां हैं. ‘यह यात्रा निश्चित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएगी और भाजपा की सरकार दोबारा बनाने के लिए लोगों के बीच रखने के लिए नीतियां व उपलब्धियां बताएगी.’ खबरों की मानें तो भाजपा नेता इस यात्रा के दौरान प्राचीन दक्षिण काली और हरिद्वार के श्यामपुर स्थित शिव मंदिर जाकर आशीर्वाद लेंगे.

 

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कांग्रेस ने भाजपा की जन यात्रा को कोविड के समय में जोखिम और हताशा भरा कदम बताया.

कांग्रेस ने कहा, ‘कोविड-19 के समय यह गलत कदम’
भाजपा की आशीर्वाद यात्रा को जोखिम वाला कदम बताते हुए कांग्रेस ने सवाल उठाया कि कोविड-19 की तीसरी लहर के बढ़ते खतरे के बीच इस तरह की आम सभाएं करना कितना जायज़ है? कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा, ‘भाजपा को पहले यह जवाब देना चाहिए कि कोविड की दूसरी लहर को ठीक से काबू करने में वह नाकाम क्यों रही. अब भी यही लग रहा है कि बजाय तीसरी लहर के लिए पर्याप्त इंतज़ाम करने के, भाजपा का फोकस चुनावी गतिविधियां ही हैं.’

प्रताप ने यह भी दावा किया कि भाजपा भले ही चुनाव से सात महीने पहले आशीर्वाद यात्रा जैसे कदम उठाती रहे, लेकिन मतदाताओं को वास्तविक झुकाव कांग्रेस की तरफ ही है. गौरतलब है कि भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर 16 से 20 अगस्त के बीच इस यात्रा की घोषणा कर एक तो उन राज्यों पर फोकस रखा, जहां जल्द चुनाव होने हैं. साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में पिछले दिनों शामिल किए गए नए 43 मंत्रियों को ज़िम्मेदारी दी गई कि वो अपने राज्यों में आशीर्वाद यात्रा के ज़रिये सरकार की कामयाबियों को जनता के बीच पुख्ता ढंग से लेकर जाएं.