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लखनऊ, 5 अगस्त 2021

अलीगंज के नया हनुमान मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर समेत शहर के कई धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपी मो. शफीक (32) को पुलिस ने गुरुवार दोपहर अलीगंज से गिरफ्तार कर लिया। खुफिया और एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी मूल रूप से दिल्ली के सीलमपुर का है, और यहां बीकेटी में किराए पर रह रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि कुछ दिन पहले गिरफ्तार युवकों को आतंकी बताए जाने से नाराज होकर उसने धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकी दी। पुलिस और खुफिया टीमें आरोपी से पूछताछ कर उसके किसी नेटवर्क से जुड़े होने या मॉड्यूल खंगालने में जुटी हैं। कॉल डीटेल के साथ उसके साथियों की भी तलाश की जा रही है।

एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि शफीक ने दहशत फैलाने के लिए यह सब किया था। वह मिनहाज और मुशील को आतंकी बताए जाने भी नाराज था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि शकील युवाओं को जाल में फंसा कर दिमाग में उन्माद पैदा करता था फिर धर्म विशेष से जोड़ने की कोशिश करता। इसके जरिए वो दूसरे धर्मों के लिये नफरत भी पैदा करना चाहता था। एसीपी अलीगंज अखिलेश सिंह ने बताया कि शफीक धर्मांतरण गिरोह से जुड़ा हुआ है।

डाकघर की फुटेज से हुई पहचान

मनकामेश्वर मंदिर और अलीगंज हनुमान मंदिर के महंत और पुजारी ने पुलिस को बताया था कि धमकी भरे पत्र में प्रेषक की जगह खदरा निवासी जोगिन्दर और इंतजार का नाम लिखा था। पड़ताल में पता चला था कि यह पत्र त्रिवेणी नगर डाकघर से रजिस्ट्री किया गया था। सीसीफुटेज में उसकी फोटो मिल गई थी। एटीएस और पुलिस पत्र मिलने के बाद से ही उसकी तलाश में जुटी थी। शफीक दिल्ली से आकर खदरा में आठ साल रहा। सात माह से वह बीकेटी में अस्ती रोड स्थित भीखापुरवा में रह रहा था। इसके अलावा दिल्ली में वह करीब 20 साल रहा है।

चार माह में कई बार सीतापुर दिल्ली की दौड़

अलीगंज इंस्पेक्टर पन्ने लाल यादव के मुताबिक शफीक चार माह में सबसे ज्यादा दिल्ली और सीतापुर गया। सीतापुर के कमलापुर और लखनऊ के कई धार्मिक स्थल पर वह लगातार मौजूदगी रखता था। यहां युवाओं को देवबंदी विचारधारा से प्रेरित करने की कोशिश करता था। उससे और जानकारियां जुटाई जा रही है। एसीपी ने बताया कि शफीक ने शुरुआती पढ़ाई मदरसे से की है। इसके बाद वह सिर्फ आठवीं तक पढ़ा है।

पत्र की फोटो कॉपी, देवबंदी प्रतियां मिली

एसीपी के मुताबिक शफीक के पास मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरे पत्र की फोटो कॉपी मिली है। रजिस्ट्री की रसीद और अन्य चीजें भी बरामद हुईं। देवबंदी, रुढ़िवादी विचारधारा से जुड़ी किताबों की 15 प्रतियां भी मिली हैं।