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नई दिल्ली, 30 जून 2021

सुप्रीम कोर्ट ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए बुधवार को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) को पांच जुलाई से निर्धारित सीए परीक्षा में एक उम्मीदवार को ऑप्ट-आउट विकल्प प्रदान करने का निर्देश दिया।

सीए परीक्षा को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान बुधवार को शीर्ष अदालत ने आईसीएआई को उन छात्रों को भी ऑप्ट-आउट ऑप्शन उपलब्ध कराने के लिए कहा, जिन्हें खुद को या परिवार के किसी सदस्य को कोविड-19 संक्रमण हो गया था और इस वजह से वह परीक्षा में बैठने में असमर्थ हैं या वह तैयारी नहीं कर सके।

न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने आईसीएआई से कहा कि जब तक उम्मीदवार को एक पंजीकृत चिकित्सक से चिकित्सा प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट पर जोर न दें।

पीठ ने कहा कि ऑप्ट-आउट सुविधा का लाभ उन उम्मीदवारों द्वारा उठाया जा सकता है जो कोविड से पीड़ित हैं या यदि उनके परिवार के सदस्य हाल के दिनों में इस बीमारी से पीड़ित हैं।

पीठ ने यह भी कहा कि यह एक चिकित्सक द्वारा प्रमाणित होना चाहिए कि उम्मीदवार परीक्षा की तैयारी के लिए फिट नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएआई को निर्देश दिया कि वह उन छात्रों को ऑप्ट आउट ऑप्शन की सुविधा दे, जिनका परीक्षा केंद्र ऐन वक्त पर बदला गया हो, भले ही नया एग्जाम सेंटर उसी शहर में क्यों न हो। दरअसल इससे पहले आईसीएआई ने एक शहर से दूसरे शहर में परीक्षा केंद्र बदले जाने पर ऑप्ट आउट ऑप्शन देने की बात कही थी।

पीठ ने कहा कि परीक्षा केंद्र का परिवर्तन शहर के भीतर होने पर भी ऑप्ट-आउट विकल्प दिया जाना चाहिए।

अदालत ने कहा, ऐसे उम्मीदवार स्थिति अनुकूल होने पर आयोजित होने वाली बैकअप परीक्षा में उपस्थित हो सकते हैं।

शीर्ष अदालत का आदेश 5 जुलाई से शुरू होने वाली सीए परीक्षा से जुड़ी तीन याचिकाओं पर आया है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि जो उम्मीदवार कंटेनमेंट जोन में हैं, वे आप्ट-आउट में हो सकते हैं, मगर इसे एक प्रयास के तौर पर नहीं माना जाएगा। ऐसे उम्मीदवार नवंबर में बैकअप परीक्षा में उपस्थित हो सकते हैं।

पीठ ने कहा कि यदि कोई उम्मीदवार परीक्षा देते समय, कोविड संक्रमित हो जाता है और वह शेष पेपरों के लिए उपस्थित होने में असमर्थ है, तो ऐसे उम्मीदवार को ऑप्ट-आउट की अनुमति दी जाएगी। अदालत ने कहा कि ऐसे उम्मीदवार नवंबर में परीक्षा के पूरे सेट के लिए उपस्थित हो सकते हैं।

शीर्ष अदालत को सौंपे गए एक नोट में आईसीएआई ने कहा कि ऑप्ट-आउट विकल्प उन उम्मीदवारों (चाहे पुराने या नए पाठ्यक्रम के तहत) के लिए भी बढ़ाया जाएगा, जो हाल ही में कोविड से पीड़ित हैं या अभी तक इसके प्रभाव से उबर रहे हैं।

आईसीएआई ने कहा है कि इस विकल्प का उपयोग करने वाले उम्मीदवारों को एक पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी किया गया चिकित्सा प्रमाण पत्र जमा कराना होगा।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से उन लोगों के लिए ऑप्ट-आउट करने पर विचार करने के लिए कहा था, जो कोविड से पीड़ित हैं और जिन पर अभी भी इसका प्रभाव है।