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देहरादून, 22 जून 2021

देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की याद में प्रदेश में बनने जा रहे पहले ‘सरकार का अति महत्वपूर्ण ड्रीम प्रोजेक्ट सैन्यधाम के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर आज मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

राज्य सरकार के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट में शामिल ‘सैन्यधाम’ के निर्माण कार्य के विषय मे जानकारी लेने हेतु आज सैन्यधाम निर्माण संबंधी उच्च स्तरीय समिति की बैठक बुलाई गई जिसमें इस समिति के चेयरमैन व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा सभी अधिकारियों के साथ फिलहाल तक कि तैयारियों की समीक्षा ली। उन्होंने सभी अधिकारियों से इसके निर्माण कार्य मे तेज़ी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसकी बदौलत उत्तराखंड का देश दुनिया मे अलग नाम होगा। उन्होंने प्रदेश को सैनिक बहुल राज्य है और जिन सैनिकों ने युद्ध मे वीरगति प्राप्त की है उनके घरों की मिट्टी सैन्यधाम लायी जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा सैनिक कल्याण निदेशालय में एक सैन्यधाम सेल भी बनाने किड घोषणा की।

वहीं बैठक में मौजूद सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी द्वारा सैन्यधाम को अपने आप मे एक विशेष परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर पांचवां व्यक्ति सेना का हिस्सा है इसलिए यह सैन्यधाम उत्तराखण्ड राज्य के जनमानस की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि सैन्य धाम में प्रथम विश्वयुद्ध से लेकर आज तक के युद्धों में शहीद हुए प्रदेश के प्रत्येक शहीद सैनिक के घर के आंगन की मिट्टी को निर्माण स्थल पर लाकर स्मारक के निर्माण में प्रयोग किया जायेगा।सरकार की ‘‘सैन्यधाम’’ को ना केवल ‘शहीद स्मारक‘ की तरह बल्कि एक आकर्षक एवं प्रेरणादायी पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित करने की योजना है। ताकि यह ‘‘सैन्यधाम’’ प्रदेश एवं देशभर के युवाओं भारतीय सेनाओं की वीर गाथाओं से परिचित करवाए व यहां पधारने वालों को देश सेवा करने लिए प्रेरित करने का माध्यम बने।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सैन्यधाम के शिलान्यास हेतु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पधारने का अनुरोध किया गया था जिसके लिए उनके द्वारा हामी भरी गयी थी। सैन्यधाम का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में यहां स्थापित किये जाने वाले सैन्य उपकरणों के स्थापित करने हेतु बेस तैयार किया जाएगा व दूसरे चरण में समस्त निमार्णों के लिए स्थान डिमार्केशन तथा चाहरदीवारी का कार्य किया जाएगा। उनके अनुसार ‘‘सैन्यधाम’’ में एक भव्य स्मारक के साथ-साथ म्यूजियम, बहादुरी पदक गैलरी, विभिन्न महत्वपूर्ण लड़ाइयों का विवरण तथा अन्य कई सेना से जुड़े साजो-सामान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।‘सैन्यधाम’’ परिसर को आकर्षण बनाने हेतु रक्षा मंत्री द्वारा इस्तेमाल न होने वाले सेना के 02 टैंक,वायुसेना का 01 लड़ाकू विमान, नौसेना का एक छोटा वैसल, सेना की 02 आर्टिलरी तोपें, 02 एयर डिफेंस गन भी प्रदेश सरकार को सौंपने का वादा किया है।

बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव सुशील कुमार, जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव, एमडी पेयजल निगम उदयराज, एमडी उपनल ब्रिगेडियर (रिटा.) पी.पी.एस पहावा, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर (रिटा.) के.बी. चन्द, समिति के सदस्य मेजर जनरल सम्मी अग्रवाल, कैप्टन चन्द्रवीर थापा, उत्तराखण्ड सब एरिया जी0ओ0सी के प्रतिनिधि कर्नल वैटरन आदि मौजूद रहे।