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नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2021

करीब 200 किलोमीटर गाड़ी घुमाया, उसके बाद भी गैस नहीं मिल रही तो हम लोग क्या करेंगे ? यदि डॉक्टर मुझे अपनी तरफ से ऑक्सिजन देदे तो मैं अपनी एम्बुलेंस से ऑक्सिजन देदे तो मैं अपनी एम्बुलेंस से किसी भी मरीज को 1500 रुपये में छोड़ सकता हूं।” ये बात कोई और नहीं बल्कि एम्बुलेंस चालक राजू कह रहे हैं। दिल्ली में अस्पतालों में बेड के अलावा ऑक्सीजन की किल्लत भी बनी हुई है, मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस भी ऑक्सीजन की कमी झेल रही है, जिसके कारण पिछले 3 दिनों से खड़ी हुई हैं।

आरएमएल अस्पताल के बाहर दर्जनों एम्बुलेंस ऑक्सीजन न मिलने की वजह से खड़ी हुई हैं। हालांकि इन एम्बुलेंस में यदि कोई सामान्य मरीज आता है तो एम्बुलेंस चालक उन्हें ले जाते हैं, लेकिन इस वक्त अधिक्तर गम्भीर मरीज ही आ रहे हैं।
सुबह 4 बजे से ऑक्सीजन लेने के लिए निकले एम्बुलेंस चालक राजू ने आईएएनएस को बताया कि, “सुबह 4 बजे 3 आदमी 6 सिलेंडर लेकर गए थे, पहले ओखला में लाइन में लगे रहे, जब नम्बर आगया तो बोर्ड पर लिखा आया कि अस्पताल का लिखा हुआ डाक्यूमेंट होगा तभी सिलेंडर मिलेगा, वरना एम्बुलेंस के लिए सिलेंडर नहीं है।”

“ओखला से फरीदाबाद पहुंचे सेक्टर 6 और सेक्टर 25 उधर भी लाइन में लगे रहे, वहां भी बोर्ड पर लिख दिया गया है आपको सिलेंडर नहीं मिलेगा। उधर से फिर 25 किलोमीटर आगे चले गए, वहां भी मना कर दिया सिलेंडर नहीं है।”

क्यों मना कर रहे हैं सिलेंडर देने के लिए ? इसके जवाब में राजू ने कहा कि, “अस्पताल से डॉक्टर लिख कर देगा एम्बुलेंस के लिए उसके बाद सिलेंडर दिया जाएगा, ऐसे नहीं मिलेगा।”

“करीब 200 किलोमीटर गाड़ी घुमाया, उसके बाद भी गैस नहीं मिल रही तो हम लोग क्या करेंगे ? यदि डॉक्टर मुझे अपनी तरफ से ऑक्सीजन देदे तो मैं अपनी एम्बुलेंस से किसी भी मरीज को 1500 रुपये में छोड़ सकता हूं।”

अन्य एम्बुलेंस चालकों के अनुसार 3 दिन से गाड़ी ऐसे ही खड़ी हुई हैं, बिना ऑक्सिजन किस मरीज को लेकर जाएं? ऑक्सिजन लेने जाओ तो 4 किलोमीटर की लाइन लगी हुई है, कौन रोज लाइन में लगेगा ?

हालांकि दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए केजरीवाल सरकार अब विदेश से ऑक्सीजन टैंकर और प्लांट मंगवा रही है।

दिल्ली सरकार ने बैंकॉक से 18 ऑक्सीजन टैंकर मंगवाने का फैसला किया है। वहीं फ्रांस से ऑक्सीजन के 21 प्लांट आयात किए जा रहे हैं जो रेडी टू यूज होंगे। इनको अलग-अलग अस्पतालों में लगाया जाएगा जिससे ऑक्सिजन की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।

अस्पताल के बाहर खड़े एम्बुलेंस चालक राजेश ने आईएएनएस को बताया, “हमारी गाड़ियों में ऑक्सीजन नहीं है, ऑक्सीजन प्लांट पर भी ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है, यदि मिल भी रहा है तो 200 लोगों की लाइन लगी हुई है।”

“हमारी गाड़ियां 3 से 4 दिन से खड़ी हुई हैं, फिलहाल साधारण मरीज कम आ रहे हैं, गम्भीर मरीज ज्यादा आ रहे हैं और बहुत मरीजों की ऑक्सीजन की कमी के कारण मृत्यु भी हो रही है।”

दूसरी ओर दिल्ली में बढ़ती ऑक्सीजन की किल्लत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई और ऑक्सीजन की कालाबाजारी की खबरों पर कहा कि उसका सिस्टम किसी काम का नहीं है। यह पूरी तरह से फेल नजर आता है।