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मुंबई, 23 मार्च 2021

कारोबारी मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर के बाहर विस्फोटर रखी कार मिलने, इसके बाद कार के मालिक की मौत और फिर पुलिस अफसर सचिन वाजे का नाम आने के बाद इसकी जांच केंद्र ने एनआईए को सौंप दी थी। पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर सचिन वाजे और अनिल देशमुख पर करोड़ों की उगाही के आरोपों के बाद अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी केस में जांच होगी। ईडी इसको लेकर जांच करेगी। ईडी ने एनआईए से केस को लेकर जानकारी मांगी है।

मुंबई के पूर्व पुलिस कमीश्‍नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर ये आरोप लगाया है कि उन्होंने सचिन वाजे को मुंबई से 100 करोड़ की उगाही के लिए कहा था। सचिन वाजे को एनआईए मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली गाड़ी और गाड़ी के मालिक की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। ये भी दावा किया जा रहा है कि वाजे नसे कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो बड़े लेनदेन की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का भी शक इस मामले जांच एजेंसियों को है। ऐसे में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच अब कर सकती है। जानकारी के मुताबिक, ईडी सचिन वाजे और केस से जुड़ी जानकारी एनआईए से मिलने के बाद मामले में जांच शुरू करेगी। मनसुख हिरेन के मामले की जांच एनआईए कर रही है। 20 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मनसुख हत्या मामले की जांच एटीएस से लेकर एनआईए को सौंप दी थी।

परमबीर सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर अपने आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। परमबीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर कहा है कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख की सचिन वाजे और संजय पाटिल जैसे पुलिस अफसरों से लगातार मुलारकात हो रही थी। देशमुख ने उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपए मुंबई के बार, रेस्टोरेंट और दूसरे कारोबारियों से जमा करने का टारगेट दिया था। परमबीर सिंह की अर्जी में कहा है कि उनके इस आरोप की जांच सीबीआई करे।