कोलकाता, 15 मार्च 2021

पश्चिम बंगाल में विपक्षी भाजपा ने जिस आईपीएस अफसर की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे, अब उसी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा का जिम्मा सौंप दिया गया है। आईपीएस ज्ञानवंत सिंह को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा का नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश जारी किया था। ज्ञानवंत सिंह एडिश्नल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की रैंक वाले अधिकारी हैं और अभी वो राज्य में सिक्योरिटी के एडिश्नल डायरेक्टर जनरल के तौर पर तैनात थे। बता दें कि इस समय बंगाल के चुनाव में टीएमसी चीफ को लगी चोट बहुत बड़ा सियासी मुद्दा बना हुआ है। सत्ताधारी पार्टी इसके जरिए सहानुभूति वोट बटोरने की कवायद कर रही है तो विपक्ष इसे चुनावी नौटंकी करार देते हुए, उनके इलाज का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है।

आईपीएस ज्ञानवंत सिंह होंगे ममता के सिक्योरिटी डायरेक्टर

बता दें कि नंदीग्राम में 10 मार्च को नामांकन के दिन ममता बनर्जी को चोट लगने के मामले में लापरवाही के चलते उनके सिक्योरिटी डायरेक्टर आईपीएस विवेक सहाय को रविवार को ही चुनाव आयोग ने निलंबित कर दिया था। चुनाव आयोग की जांच में पाया गया था कि संभावित हादसे के वक्त सहाय उस बूलेटप्रूफ गाड़ी में बैठे हुए थे, जो जेड प्लस सिक्योरिटी प्रोटेक्टी बंगाल की सीएम की सुरक्षा के लिए तैनात थी। जानकारी के मुताबिक बीजेपी ने बंगाल के जिन दो आईपीएस अफसरों की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए चुनाव आयोग को खत भेजा था, उनमें विवेक सहाय के अलावा ज्ञानवंत सिंह का भी नाम शामिल था। पार्टी ने उन दोनों अधिकारियों पर एक खास राजनीतिक पार्टी के पक्ष में अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। लेकिन, आखिरकार उन्हीं को सीएम की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है।

नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान चोटिल हुईं थीं ममता

गौरतलब है कि नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ममता को कथित तौर पर अपनी गाड़ी के गेट पर खड़े होने के दौरान पैर में और कंधे में चोट लग गई थी। उसके बाद उन्हें घटनास्थल से कुछ घंटे की सफर के बाद कोलकाता के एक अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। उन्हें इलाज के लिए आसपास के किसी अस्पताल में ले जाने की जरूरत नहीं समझी गई। उस दिनों सीएम बनर्जी ने आरोप लगाया था कि 4-5 लोगों ने उन्हें धक्का दिया था और यह कोई साजिश हो सकती है। टीएमसी ने तो फौरन ही इस घटना को राज्य के तत्कालीन डीजीपी को चुनाव आयोग की ओर से हटाए जाने से जोड़ दिया था। लेकिन, बाद में चुनाव आयोग ने छानबीन के बाद हमले के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। अलबत्ता अयोग ने उनकी सुरक्षा में कोताही बरतने के लिए विवेक सहाय समेत पूर्वी मिदनापुर के एसपी प्रवीण प्रकाश को भी निलंबित कर दिया था। वहीं आयोग ने वहां के डीएम का भी तबादला कर दिया था।

अब व्हीलचेयर पर ममता कर रही हैं चुनाव प्रचार

उस घटना के बाद टीएमसी सुप्रीमो अस्पताल से डिस्चार्ज हो गईं और अब वह व्हीलचेयर से ही चुनाव प्रचार कर रही हैं और अपनी चोट को उन्होंने बंगाल चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। वह जहां भी जाती हैं अपनी चोट का जिक्र जरूर कहती हैं और कहती हैं कि ‘घायल बाघिन’ और भी आक्रामक हो जाती है। बीजेपी ने भी उनके इस चुनावी दांव पर पलटवार करना शुरू कर दिया है। सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल में कहा कि उनके हेलीकॉप्टर में भी खराबी आ गई थी, लेकिन वह इसे ‘साजिश’ नहीं कहेंगे। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चार चरणों में चुनाव होने हैं। वहां 27 मार्च, 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी और 2 मई को वोटों की गिनती करवाई जाएगी।