ईरान में हिंसक प्रदर्शन क्यों भड़के, सड़कों पर क्यों उतरा Gen Z? ट्रंप का सख्त संदेश भी आया सामने

ईरान में हिंसक प्रदर्शन क्यों भड़के, सड़कों पर क्यों उतरा Gen Z? ट्रंप का सख्त संदेश भी आया सामने

ईरान में राजनीतिक और आर्थिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। राजधानी तेहरान से शुरू हुआ यह आंदोलन अब कई बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों तक फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में छात्र और Gen Z शामिल हैं, जो मौजूदा शासन से नाराज दिख रहे हैं।

महंगाई बनी आंदोलन की बड़ी वजह

ईरान की करेंसी रियाल डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। हालात ऐसे हैं कि रोजमर्रा की जरूरतें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। व्यापारियों के बाद अब युवा और छात्र भी खुलकर सड़कों पर उतर आए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक महंगाई दर 40 फीसदी से ज्यादा है, जिसने मध्यम वर्ग और युवाओं की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं।

सड़क से यूनिवर्सिटी तक फैला विरोध

तेहरान के बाद प्रदर्शन शिराज, इस्फहान और हामेदान जैसे शहरों तक पहुंच चुका है। कई विश्वविद्यालयों में छात्र सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें स्थानीय मीडिया के अनुसार करीब 5 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किए जाने से हालात और भड़क गए।

Gen Z क्यों है सबसे आगे?

इस आंदोलन में Gen Z की भूमिका अहम मानी जा रही है। बेरोजगारी, महंगाई, भविष्य की अनिश्चितता और सख्त सरकारी नीतियों से नाराज युवा अब खुलकर विरोध कर रहे हैं। 2022 के बाद यह ईरान का सबसे बड़ा जन आंदोलन माना जा रहा है।

ट्रंप का खुला संदेश

ईरान में जारी प्रदर्शनों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए तैयार रहेगा। ट्रंप के इस बयान को ईरान के शीर्ष नेतृत्व के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है।

ईरानी राष्ट्रपति की अपील

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं को सुनने और समाधान निकालने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि सरकार लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने, बैंकिंग सिस्टम में सुधार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए गृहमंत्री को निर्देश दे चुकी है।

केंद्रीय बैंक गवर्नर का इस्तीफा

हालात की गंभीरता को देखते हुए ईरान के केंद्रीय बैंक गवर्नर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद जनता का गुस्सा कम होता नजर नहीं आ रहा है।

आर्थिक प्रतिबंधों का असर

ईरान लंबे समय से पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंध झेल रहा है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के दबाव के कारण अर्थव्यवस्था और ज्यादा कमजोर हुई है। 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 42 हजार ईरानी रियाल की कीमत मौजूदा हालात की गंभीरता को दर्शाती है।

अब पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि क्या ईरानी सरकार बातचीत के जरिए हालात संभाल पाएगी या फिर Gen Z की अगुवाई में यह आंदोलन और तेज होगा।

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