प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक अर्जेंटीना यात्रा: MERCOSUR वार्ता से लेकर BRICS सम्मेलन तक भारत की वैश्विक रणनीति को नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक अर्जेंटीना यात्रा: MERCOSUR वार्ता से लेकर BRICS सम्मेलन तक भारत की वैश्विक रणनीति को नई दिशा

द्विपक्षीय रिश्तों में नया मोड़: 56 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना यात्रा

News Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 और 5 जुलाई को अर्जेंटीना के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे — यह 1968 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों में नई ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा है। मोदी की यात्रा राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के विशेष निमंत्रण पर हो रही है, जिसका उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को गहराई देना और नए क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते खोलना है।

MERCOSUR वार्ता को मिल सकती है नई जान: अर्जेंटीना की अहम भूमिका

भारत और MERCOSUR (दक्षिण अमेरिकी व्यापार ब्लॉक) के बीच व्यापार वार्ताएं काफी समय से ठप थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अर्जेंटीना यात्रा के जरिए इस दिशा में नई पहल की उम्मीद है। अर्जेंटीना, MERCOSUR का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए तैयार दिख रहा है।

 

रक्षा, ऊर्जा और लिथियम में सहयोग की बड़ी संभावनाएं

अर्जेंटीना भारतीय रक्षा उपकरणों में रुचि दिखा रहा है, विशेषकर तेजस लड़ाकू विमान, को-प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे क्षेत्रों में सहयोग संभव है। इसके अलावा, भारत की सरकारी कंपनी KABIL पहले ही अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में लिथियम खनन का अधिकार प्राप्त कर चुकी है। यह भारत की ईवी नीति और स्वच्छ ऊर्जा रणनीति के लिहाज से अत्यंत अहम है।

भारत की अर्जेंटीना के एलएनजी और शेल गैस संसाधनों में भी गहरी दिलचस्पी है, खासकर खाड़ी क्षेत्र की अनिश्चितता को देखते हुए ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की जरूरत बढ़ गई है।

डिजिटल, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का विस्तार

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, टेलीमेडिसिन, और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में नए समझौते संभावित हैं। भारत की ISRO और अर्जेंटीना की CONAE एजेंसी के बीच पहले से सहयोग है, जिसे अब औपचारिक रूप देने की दिशा में काम हो सकता है।

आतंकवाद के खिलाफ साझा मोर्चा

भारत और अर्जेंटीना दोनों आतंकवाद के दर्द को महसूस कर चुके हैं। हाल ही में पाहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की मौत की अर्जेंटीना ने कड़ी निंदा की। इसके पहले 1992 और 1994 में अर्जेंटीना खुद दो बड़े आतंकी हमलों का शिकार रह चुका है। इसीलिए आतंकवाद विरोधी साझा घोषणा की उम्मीद है, जो दोनों देशों की सुरक्षा भागीदारी को मजबूत करेगी।

व्यापार और निवेश को मिलेगी नई गति

2024 में भारत-अर्जेंटीना द्विपक्षीय व्यापार 5.2 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। पहले यह मुख्यतः सोयाबीन तेल और कृषि उत्पादों तक सीमित था, लेकिन अब भारत फार्मा, हेल्थटेक और आईटी जैसे क्षेत्रों में भी निर्यात बढ़ाना चाहता है। यात्रा के दौरान इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापार विस्तार की दिशा में नई घोषणाएं हो सकती हैं।

भारतीय समुदाय में उत्साह की लहर

ब्यूनस आयर्स पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने मोदी का जोरदार स्वागत किया। अल्वियर पैलेस होटल में पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय नृत्य के साथ स्वागत किया गया। भारतीय मूल की मीनू खियानी ने कहा, “हमें पीएम मोदी पर गर्व है। उनका यहां आना हमारे लिए गौरव की बात है।” मोदी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “भारत की भावना हमारे प्रवासी समुदाय के माध्यम से चमक रही है।”

ट्रिनिडाड और टोबैगो से अर्जेंटीना तक: पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान

इससे पहले पीएम मोदी ट्रिनिडाड और टोबैगो की यात्रा पर थे, जहां उन्हें वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ ट्रिनिडाड एंड टोबैगो’ से नवाजा गया। पीएम मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भी भाग लिया और जलवायु परिवर्तन पर साझा संकल्प दोहराया।

अब ब्रिक्स सम्मेलन की बारी: वैश्विक दक्षिण की आवाज बनेगा भारत

प्रधानमंत्री मोदी 5 और 6 जुलाई को ब्राजील में BRICS सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस सम्मेलन में भारत की भूमिका विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एक यात्रा, कई रणनीतिक संकेत

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीति का हिस्सा है — लैटिन अमेरिका में भारत की बढ़ती उपस्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, और डिजिटल विस्तार जैसे क्षेत्रों में भारत की स्थायी साझेदारी को नया आकार देने की दिशा में बड़ा कदम।

यह यात्रा भारत-अर्जेंटीना संबंधों के साथ-साथ भारत की ग्लोबल साउथ में विश्वसनीय साझेदार के रूप में छवि को और मजबूत करेगी।

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