भारत का ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’: म्यांमार को राहत सामग्री की नई खेप, तीन और जहाज रवाना

नई दिल्ली। म्यांमार और थाईलैंड में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता के तहत ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत भारत ने सोमवार को 50 टन राहत सामग्री की एक नई खेप म्यांमार भेजी। भूकंप से म्यांमार में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 3,900 से ज्यादा लोग घायल हैं। भारतीय नौसेना के आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री जहाज राहत सामग्री लेकर म्यांमार के यांगून बंदरगाह पहुंचे हैं।

तीन और जहाजों से 500 टन अतिरिक्त सहायता
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, राहत सामग्री के रूप में टेंट, दवाइयां, खाद्य आपूर्ति और अन्य आवश्यक सामान भेजा गया है। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के तीन और जहाज – आईएनएस करमुख, आईएनएस घड़ियाल और एलसीयू-52 – 500 टन से अधिक अतिरिक्त सहायता सामग्री लेकर म्यांमार के लिए रवाना हो चुके हैं। भारतीय वायुसेना का एक और सी-130 विमान मंगलवार को 15 टन से अधिक राहत सामग्री के साथ मांडले पहुंचने की उम्मीद है।

भूकंप से हजारों लोगों की मौत
शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राजधानी नेपीता और मांडले शामिल हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार, इस आपदा में अब तक 2,065 लोगों की मौत हो चुकी है, 3,900 से अधिक लोग घायल हैं और 270 से अधिक लोग लापता हैं।

धार्मिक स्थलों और स्कूलों को नुकसान
भूकंप के दौरान रमजान की नमाज अदा कर रहे सैकड़ों मुसलमानों की मस्जिदों के गिरने से मौत हो गई, जबकि एक बौद्ध मठ के ढहने से 270 भिक्षुओं की जान चली गई। इसके अलावा, एक प्री-स्कूल कक्षा के गिरने से 50 बच्चों की भी मृत्यु हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 60 से अधिक मस्जिदें भूकंप से क्षतिग्रस्त हुई हैं।

भुखमरी और बीमारियों का खतरा
संयुक्त राष्ट्र और राहत संगठनों ने चेतावनी दी है कि भूकंप के बाद देश में भुखमरी और बीमारियों का प्रकोप फैल सकता है। कई प्रभावित इलाकों में भोजन और पेयजल की भारी कमी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। भारत समेत कई देशों ने म्यांमार को मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर भारत आगे भी मदद भेजता रहेगा।

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