बेंगलुरु में आरएसएस का तीन दिवसीय सम्मेलन आज से, बांग्लादेश पर पारित होगा प्रस्ताव

बेंगलुरु में आरएसएस का तीन दिवसीय सम्मेलन आज से, बांग्लादेश पर पारित होगा प्रस्ताव

बेंगलुरु: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक आज, 21 मार्च से बेंगलुरु में शुरू हो रही है, जो 23 मार्च तक चलेगी। इस बैठक में संघ से जुड़े 32 संगठनों के अध्यक्ष और महासचिव भाग लेंगे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और महासचिव बीएल संतोष भी शामिल होंगे।

संघ के मुख्य प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति और आरएसएस के शताब्दी समारोह को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इस दौरान संघ की कार्यकारी समिति आरएसएस द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करेगी और भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा करेगी।

चार साल बाद बेंगलुरु में हो रही बैठक
संघ प्रवक्ता ने बताया कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक चार साल बाद बेंगलुरु में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले संघ की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रीय प्रमुख अपने-अपने कार्यों, आगामी कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। इन सभी पहलुओं की समीक्षा और रणनीति निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर प्रस्ताव
बैठक के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर विशेष चर्चा होगी। प्रवक्ता आंबेकर ने कहा कि इस विषय पर चर्चा के बाद कार्यकारी समिति एक प्रस्ताव पारित करेगी, जिसे बाद में संघ की कोर कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि बांग्लादेश या दुनिया के किसी भी हिस्से में हिंदुओं की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा की जाए। हिंदुओं के गौरव और संवेदनशीलता का सम्मान किया जाना चाहिए। इसलिए, यह हमारा प्रमुख विषय रहेगा और हम इस पर विस्तृत योजना बनाएंगे।”

संघ की शताब्दी समारोह की रूपरेखा तैयार होगी
इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें स्थापना वर्ष को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। संगठन शताब्दी समारोह की योजना, विभिन्न कार्यक्रमों और देशभर में जागरूकता अभियानों को लेकर कार्ययोजना तैयार करेगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत और वरिष्ठ पदाधिकारी इस पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे।

आरएसएस की इस बैठक पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी नजर रहेगी, क्योंकि इसमें बीजेपी के शीर्ष नेता भी शामिल हो रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनावों और हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों पर भी इसमें विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है।

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