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नागपुर हिंसा: साजिशन हमला, पुलिस पर कुल्हाड़ी से वार—CM फडणवीस का बड़ा खुलासा

नागपुर हिंसा: साजिशन हमला, पुलिस पर कुल्हाड़ी से वार—CM फडणवीस का बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर शुरू हुए विवाद ने नागपुर में हिंसक रूप ले लिया। रविवार (17 मार्च) को दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद शहर में आगजनी, पथराव और पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा को लेकर मंगलवार (18 मार्च) को महाराष्ट्र विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया और कहा कि हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी। पुलिस को छापेमारी के दौरान कई हथियार और छतों पर छिपाकर रखे गए पत्थर मिले हैं।

कैसे भड़की हिंसा?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने सूखे घास से बनी एक प्रतीकात्मक कब्र तैयार की और उसे जलाया। इस दौरान “औरंगजेब की कब्र हटाओ” जैसे नारे भी लगाए गए। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया था।

लेकिन इसके बाद हालात बिगड़ने लगे। नमाज के बाद करीब 200-300 लोग एकत्र हो गए। इसी बीच अफवाह फैली कि प्रतीकात्मक कब्र पर हरे रंग के कपड़े पर धार्मिक मजकूर लिखा था, जिसे जलाया गया। इस अफवाह के बाद भीड़ उग्र हो गई और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस को हालात संभालने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

200-300 लोगों ने किया हमला, वाहनों को जलाया
फडणवीस ने बताया कि हिंसा की पहली घटना गणेश पेठ में हुई। भीड़ ने मांग की कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। भीड़ को पुलिस थाने जाने दिया गया, लेकिन इसी दौरान हंसापुरी इलाके में 200-300 लोगों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और 12 मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया।

डीसीपी पर कुल्हाड़ी से हमला
तीसरी घटना भलदारपुरा इलाके में हुई, जहां 80-100 लोगों की भीड़ ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने एक जेसीबी और दो क्रेन में आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें तीन डीसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। एक डीसीपी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हिंसा में पांच नागरिक भी घायल हुए, जिनमें से एक को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

साजिश की आशंका, पत्थरों से भरी ट्रॉली बरामद
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हिंसा को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया। पुलिस को छापेमारी में कई हथियार और पत्थरों से भरी एक ट्रॉली मिली है। छतों पर पत्थर छिपाकर रखे गए थे, जिससे साफ है कि यह हमला पहले से सोचा-समझा था।

कार्रवाई होगी, उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा
फडणवीस ने कहा कि पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभी तक तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और दो और दर्ज की जा रही हैं। नागपुर के 11 पुलिस थानों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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