नागपुर हिंसा: बड़ी साजिश का खुलासा, पुलिसकर्मी पर कुल्हाड़ी से हमला—सीएम फडणवीस ने बताए अहम तथ्य

नागपुर हिंसा: बड़ी साजिश का खुलासा, पुलिसकर्मी पर कुल्हाड़ी से हमला—सीएम फडणवीस ने बताए अहम तथ्य

मुंबई: महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को औरंगजेब की कब्र को लेकर फैली अफवाह ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस पर भी हमले किए गए, जिसमें 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक पुलिसकर्मी पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ। मंगलवार को यह मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में उठा, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे “सुनियोजित साजिश” करार दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कैसे भड़की नागपुर में हिंसा?
सीएम फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि सोमवार शाम एक अफवाह ने तूल पकड़ लिया। इसमें कहा गया कि एक प्रतीकात्मक कब्र पर रखी गई चादर पर धार्मिक चिन्ह था। इस अफवाह से लोगों में आक्रोश बढ़ा और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़पों में बदल गया। उन्होंने कहा कि यह हिंसा एक पूर्वनियोजित साजिश की ओर इशारा करती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हिंसा के दौरान 12 दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा, चार पहिया वाहनों को भी निशाना बनाया गया, जिसमें एक क्रेन और दो जेसीबी मशीनें शामिल थीं। हिंसा के दौरान तलवार से हमला करने की भी घटनाएं सामने आईं।

पुलिस पर हमले और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा बयान
सीएम फडणवीस ने सदन को बताया कि हिंसा के दौरान 33 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से 3 डीसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा, 5 आम नागरिकों पर भी हमले हुए हैं। सबसे गंभीर घटना एक पुलिसकर्मी पर कुल्हाड़ी से हमले की रही, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पुलिस पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी। हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

छावा फिल्म और बढ़ते आक्रोश का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हाल ही में आई मराठी फिल्म छावा को दोष नहीं देते, लेकिन यह सच है कि इस फिल्म में छत्रपति शंभाजी महाराज के शौर्य और औरंगजेब की क्रूरता को दिखाए जाने के बाद लोगों में मुगल शासक के प्रति गुस्सा बढ़ा। इसी के बाद से माहौल तनावपूर्ण था, जो इस अफवाह के कारण और ज्यादा बिगड़ गया।

हिंसा पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री फडणवीस ने जानकारी दी कि इस घटना के संबंध में अब तक 5 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसआरपीएफ की 5 टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। साथ ही, 11 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है, जिससे किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा न हो सके।

उन्होंने कहा, “राज्य सरकार हिंसा फैलाने वालों को बख्शेगी नहीं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और पुलिस पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर रखे हुए है।”

जनता से शांति बनाए रखने की अपील
सीएम फडणवीस ने राज्य की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

नागपुर हिंसा ने पूरे महाराष्ट्र में चिंता बढ़ा दी है। सीएम फडणवीस ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस और प्रशासन सख्ती से हालात को काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने लोगों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की और हिंसा को रोका जा सके।

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