प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ अपने पहले इंटरनेशनल पॉडकास्ट में कई अहम विषयों पर चर्चा की। करीब तीन घंटे लंबे इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने अपने बचपन, सार्वजनिक जीवन की यात्रा, पाकिस्तान के साथ संबंधों, गरीबी, आरएसएस से जुड़ाव और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर अपने विचार साझा किए।
पाकिस्तान के साथ शांति प्रयासों पर पीएम मोदी
पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद खासतौर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था ताकि दोनों देशों के बीच शांति की एक नई शुरुआत हो सके। लेकिन, उन्होंने अफसोस जताया कि उनके सभी अच्छे प्रयासों का परिणाम नकारात्मक निकला। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान को सद्बुद्धि मिलेगी और वह सुख-शांति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
गरीबी को कभी बोझ नहीं समझा
अपने बचपन और संघर्षों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी भी गरीबी को बोझ नहीं समझा। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस तरह उनके मामा ने उन्हें स्कूल जाने के लिए जूते दिए थे और वे उन्हें बहुत संभालकर रखते थे। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने जूतों को साफ करने के लिए स्कूल में इस्तेमाल किए गए चॉक का उपयोग किया।
RSS ने मुझे उद्देश्यपूर्ण जीवन दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से अपने जुड़ाव के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने इस संगठन से जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को सीखा। उन्होंने बताया कि बचपन में आरएसएस की सभाओं में जाना उन्हें बहुत अच्छा लगता था और यह संगठन उन्हें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहा। उन्होंने आरएसएस को दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताया, जिसने उन्हें राष्ट्रभक्ति की भावना दी।
बुद्ध और गांधी की धरती से शांति का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत शांति की बात करता है, तो पूरा विश्व उसे सुनता है क्योंकि यह बुद्ध और गांधी की धरती है। उन्होंने कहा कि भारत न तो संघर्ष का पक्षधर है और न ही राष्ट्रों के बीच टकराव चाहता है, बल्कि समन्वय को प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि भारत हमेशा शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत रहा है।
वडनगर और काशी से जुड़ी यादें
अपने जन्मस्थान वडनगर के इतिहास पर बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक स्थल रहा है, जहां बौद्ध, जैन और हिंदू धर्मों का प्रभाव देखा गया है। उन्होंने बताया कि जब वे मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने खुदाई करवाई, जिससे 2800 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिले। वाराणसी को अपनी कर्मभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि यह शहर अविनाशी है और इसकी सांस्कृतिक विरासत अद्वितीय है।
निरंतर सीखते रहने का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में भीतर के विद्यार्थी को कभी मरने नहीं देना चाहिए। उन्होंने लगातार सीखते रहने पर जोर देते हुए कहा कि यही आगे बढ़ने की कुंजी है। उन्होंने अपनी बातचीत को शानदार बताते हुए कहा कि इस इंटरव्यू में उन्हें अपने जीवन के कई पहलुओं को साझा करने का अवसर मिला।
यह पॉडकास्ट पीएम मोदी का पहला इंटरनेशनल पॉडकास्ट था, जिसे लेक्स फ्रिडमैन ने होस्ट किया। लेक्स फ्रिडमैन, जो कि एक प्रसिद्ध पॉडकास्टर और कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं, इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क, जेफ बेजोस और वोलोडिमिर जेलेंस्की जैसी हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं।




