बिहार चुनाव 2025: क्या नीतीश कुमार होंगे NDA के सीएम फेस! बीजेपी और जेडीयू में बनी सहमति

बिहार चुनाव 2025: क्या नीतीश कुमार होंगे NDA के सीएम फेस! बीजेपी और जेडीयू में बनी सहमति

बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से यह चर्चा थी कि इस बार एनडीए की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा। अब इस पर सहमति बन गई है। नीतीश कुमार को एक बार फिर से NDA का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है। बीजेपी और जेडीयू के बीच इस फैसले को लेकर सहमति बन गई है।

पीएम मोदी ने कहा था “लाडला मुख्यमंत्री”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी को भागलपुर की रैली में नीतीश कुमार को “लाडला मुख्यमंत्री” कहकर संबोधित किया था। तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी और जेडीयू में सहमति बन सकती है। अब इस पर औपचारिक मुहर लग गई है। इससे पहले एनडीए के प्रमुख घटक दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी नीतीश कुमार के नाम पर सहमति जता दी थी। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी सकारात्मक संकेत दिए थे।

बीजेपी नेता भी कर चुके थे समर्थन के संकेत
हालांकि, बिहार बीजेपी के नेताओं की ओर से इस पर स्पष्ट बयान नहीं आ रहा था, लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार ने कुछ दिनों पहले कहा था कि मुख्यमंत्री के सवाल पर विचार चुनाव के बाद किया जाएगा। वहीं, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा था कि विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। हालांकि, अंतिम फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड को लेना था। अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि बिहार में एनडीए का चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे।

नीतीश को सीएम फेस बनाने के लिए JDU ने बनाया था दबाव
जेडीयू की ओर से लगातार यह दबाव बनाया जा रहा था कि बिहार चुनाव 2025 में नीतीश कुमार को ही सीएम फेस घोषित किया जाए। सबसे पहले उनके बेटे निशांत कुमार ने इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि आगामी चुनाव में उनके पिता को सीएम उम्मीदवार घोषित किया जाना चाहिए। जेडीयू नेताओं ने भी यही मांग की थी कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाए। आखिरकार, अब इस पर सहमति बन चुकी है और एनडीए ने उन्हें सीएम उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

बिहार में फिर नीतीश मॉडल पर चुनाव
नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति में एक अहम चेहरा रहे हैं। 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे कई बार बिहार की सत्ता संभाल चुके हैं। उनके शासन को सुशासन और विकास मॉडल के रूप में देखा जाता है। अब जब बिहार में एक बार फिर चुनाव की तैयारी हो रही है, तो एनडीए उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस फैसले को कितना समर्थन देती है और बिहार में एनडीए फिर से सत्ता में लौट पाता है या नहीं।

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