रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने हाथों से लिखा हुआ 100 पन्नों का बजट पेश किया। अब तक केवल कंप्यूटर-टाइप किए गए बजट ही प्रस्तुत होते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरा को बदलते हुए सरकार ने एक नई पहल की है। वित्त मंत्री ने इसे प्रामाणिकता और पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम बताया।
विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण, सभी की निगाहें बजट पर
बजट पेश किए जाने के दौरान विधानसभा में एक अलग ही माहौल देखने को मिला। जब वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट को सदन में प्रस्तुत किया, तो सभी विधायक और अन्य उपस्थित लोग इसे देखने के लिए उत्साहित हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट पेश होने से पहले कहा कि यह छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष का स्वर्णिम बजट है, जो प्रदेश की प्रगति और विकास की नई दिशा तय करेगा।
लिखावट की गरिमा को पुनर्स्थापित करने की पहल
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना परंपराओं की ओर लौटने और मौलिकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि हस्तलिखित दस्तावेज़ों की अपनी अलग पहचान और गरिमा होती है, जो इसे और भी विशेष बनाती है।
प्रामाणिकता और पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में सिर्फ डिजिटल रूप से तैयार किए गए बजट ही पेश होते रहे हैं, लेकिन इस बार सरकार ने पारंपरिक तरीके को अपनाते हुए इसे हाथ से लिखने का निर्णय लिया। वित्त मंत्री का मानना है कि इस पहल से बजट की प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
अटल निर्माण वर्ष का बजट, विकसित छत्तीसगढ़ की ओर एक कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट को अटल निर्माण वर्ष का बजट बताया और कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने वाला दस्तावेज़ होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 13 महीनों में सरकार ने प्रदेश की जनता का विश्वास जीता है, और इस बजट के जरिए राज्य के विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।
छत्तीसगढ़ में इस अनूठे बजट को लेकर आम जनता और विशेषज्ञों के बीच भी खासा उत्साह है। यह पहल राज्य में बजट निर्माण प्रक्रिया में एक नई मिसाल कायम कर सकती है।




