बिहार में कैबिनेट विस्तार के साथ विभागों का भी हुआ पुनर्गठन, कई मंत्रियों के विभाग बदले

बिहार में कैबिनेट विस्तार के साथ विभागों का भी हुआ पुनर्गठन, कई मंत्रियों के विभाग बदले

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इस नए बदलाव में कई मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से पथ निर्माण विभाग लेकर नितिन नवीन को दिया गया, जबकि नितिन नवीन का नगर विकास विभाग अब जीवेश मिश्रा के पास होगा।

मंत्रियों के नए विभागों की सूची
बिहार सरकार ने नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के साथ-साथ कुछ अनुभवी मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया है। नए विभागों का बंटवारा इस प्रकार है:

राजू कुमार सिंह – पर्यटन विभाग
विजय सिन्हा – कृषि, खनन एवं भूतत्व विभाग
विजय मंडल – आपदा प्रबंधन विभाग
प्रेम कुमार – सहकारिता विभाग
नितिन नवीन – पथ निर्माण विभाग
संजय सरावगी – राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
मोतीलाल प्रसाद – कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
जीवेश मिश्रा – नगर विकास विभाग
मंगल पांडे – विधि विभाग

हर क्षेत्र और वर्ग को साधने की कोशिश
कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की गई है। नए शामिल किए गए सातों मंत्री अलग-अलग जातियों और क्षेत्रों से आते हैं, जिससे भाजपा ने अपने जनाधार को और मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।

उत्तर बिहार को मिला ज्यादा प्रतिनिधित्व
इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तरी बिहार का दबदबा देखने को मिला। सात नए मंत्रियों में चार मंत्री मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी जिलों से हैं। इसके अलावा, एक मंत्री छपरा, एक अररिया और एक बिहारशरीफ से हैं। बिहार के चुनावी इतिहास को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि भाजपा ने अपने मजबूत गढ़ उत्तर बिहार में अपनी पकड़ और मजबूत करने की रणनीति बनाई है।

बजट सत्र से पहले हुआ अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है। 28 फरवरी से बजट सत्र शुरू होने वाला है, जो लगभग डेढ़ महीने तक चलेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के कैबिनेट विस्तार की संभावना नहीं थी। चूंकि मंत्रिमंडल में छह पद पहले से खाली थे और एक मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था, इसलिए यह अंतिम कैबिनेट विस्तार माना जा रहा है।

भाजपा कोटे से बनाए गए इन सात मंत्रियों के जरिए पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि यह नई टीम आगामी चुनावों में सरकार की रणनीति को कितना मजबूत कर पाती है।

Share post:

Popular

More like this
Related