नई दिल्ली, महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, बैद्यनाथ धाम, त्र्यंबकेश्वर और गौरी शंकर मंदिर समेत कई तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। आधी रात से ही भक्त शिव भक्ति में लीन दिखे।
महाशिवरात्रि का महत्व: शिव-पार्वती विवाह और शिव का प्राकट्य
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव प्रकाश-लिंग के रूप में प्रकट हुए थे और इसी दिन उनका माता पार्वती संग विवाह संपन्न हुआ था। यह पर्व शिव भक्ति, उपवास और रात्रि जागरण का विशेष महत्व रखता है।
काशी विश्वनाथ और महाकाल मंदिर में विशेष आरती
काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी): महाशिवरात्रि के अवसर पर मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए।
महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन): महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
प्रयागराज महाकुंभ: अंतिम दिन पावन स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा रहे हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर): लंबी कतारों में खड़े भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
अयोध्या: श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान कर रामलला के दर्शन किए।
अन्य प्रमुख शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़
दिल्ली: गौरी शंकर मंदिर, चांदनी चौक
लखनऊ: मनकामेश्वर मंदिर
कोलकाता: भूतनाथ मंदिर
भुवनेश्वर: लिंगराज मंदिर
नासिक: त्र्यंबकेश्वर मंदिर
नेपाल: पशुपतिनाथ मंदिर, जहां भारतीय सेना के 6 पूर्व प्रमुखों ने पूजा की।
महादेव को कैसे करें प्रसन्न?
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
शिवलिंग पर जल, दूध, घी, दही, शहद और पंचामृत से अभिषेक करें।
बिल्वपत्र, धतूरा, भांग और रुद्राक्ष अर्पित करें।
शिवलिंग का चंदन से तिलक करें।
ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
महाशिवरात्रि की इस शुभ बेला पर पूरे देश में शिव भक्ति का माहौल है, हर तरफ गूंज रहे हैं ‘हर हर महादेव’ के जयकारे!




