वाराणसी, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य एवं दिव्य आयोजन किए जा रहे हैं। इस दिन मंदिर में सप्त ऋषि आरती, श्रृंगार भोग आरती और शयन आरती नहीं होगी। इसके स्थान पर परंपरा के अनुसार बाबा विश्वनाथ की चार प्रहर की विशेष आरती होगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने 26 फरवरी को होने वाले आयोजनों का पूरा शिड्यूल जारी कर दिया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए 25 से 27 फरवरी तक VIP दर्शन की सुविधा पर रोक लगा दी गई है।
मंगला आरती से शुरू होगी पूजा
मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन सुबह 2:15 बजे मंगला आरती होगी। इसके बाद 3:15 बजे आरती समाप्त होने के साथ ही 3:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। दर्शन-पूजन का यह क्रम पूरे दिन निर्बाध रूप से चलता रहेगा।
चार प्रहर की होगी विशेष आरती
शाम को चार प्रहर की विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रथम प्रहर की आरती रात्रि 9:30 बजे से शुरू होगी, जिसके तहत शंखनाद और पूजा की तैयारियां होंगी। इसके बाद रात 10 बजे आरती शुरू होकर 12:30 बजे तक चलेगी।
द्वितीय प्रहर की आरती रात्रि 1:30 बजे से 2:30 बजे तक होगी।
तृतीय प्रहर की आरती सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी।
चतुर्थ प्रहर की आरती सुबह 5:00 बजे से 6:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस दौरान झांकी दर्शन में कोई बाधा नहीं आएगी और श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
भव्य रूप से सजा विश्वनाथ धाम
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में पूरे काशी विश्वनाथ धाम को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर को झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक रूप दिया गया है। मंदिर प्रांगण में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी तैयारियों की सतत निगरानी की जा रही है।
शनिवार को मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा और डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने गेट नंबर-4 से गंगा द्वार तक सुरक्षा और अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर में दर्शन के दौरान नियमों का पालन करें और सुचारु रूप से पूजा-अर्चना करें।




