महाकुंभ में संगम के जल को लेकर बयानबाजी तेज, अखिलेश यादव का बीजेपी को चैलेंज- दवा के तौर पर संगम का पानी करें इस्तेमाल

प्रयागराज: महाकुंभ में संगम के जल को लेकर जारी बयानबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उनके नेताओं को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर संगम का जल पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित है, तो बीजेपी नेताओं को इसे दवा की तरह इस्तेमाल करना चाहिए और इसी पानी से नहाना चाहिए।

दरअसल, हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संगम का पानी स्नान के योग्य नहीं है और इसके संपर्क में आने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। वहीं, दूसरी रिपोर्ट में इस दावे को खारिज करते हुए कहा गया कि संगम का जल पूरी तरह सुरक्षित और एल्कलाइन वाटर जैसा है। इसी विवाद के बीच अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनकी सरकार दावा कर रही है कि संगम का पानी पूरी तरह शुद्ध है, तो बीजेपी नेताओं को इसे बिना झिझक स्वीकार करना चाहिए।

बीजेपी नेताओं को टैंक भरकर दिया जाए संगम जल – अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि सभी बीजेपी नेताओं को संगम के जल से भरा एक टैंक मिलना चाहिए, ताकि वे उसी पानी से स्नान कर सकें और जरूरत पड़ने पर दवा के रूप में पी भी सकें। उन्होंने सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या बीजेपी नेता इस चुनौती को स्वीकार करेंगे?

“डबल इंजन सरकार के दोनों इंजन आपस में टकरा रहे हैं”
सपा प्रमुख ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में तालमेल की कमी है। उन्होंने कहा, “दिल्ली और लखनऊ के आंकड़ों में भारी अंतर है। दिल्ली की रिपोर्ट कहती है कि संगम का जल अशुद्ध है, जबकि यूपी सरकार इसे पूरी तरह शुद्ध बताने पर तुली हुई है। आखिर दिल्ली के अधिकारी सनातनी नहीं हैं क्या?”

योगी सरकार पर कसा तंज – “सिर्फ गजल सुनते हैं सीएम”
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी सरकार उर्दू का विरोध करती है, जबकि खुद उर्दू का इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा, “हमारे सीएम को उर्दू की समझ नहीं है, वह सिर्फ इसलिए इसका विरोध करते हैं क्योंकि यह उर्दू है। जबकि सच्चाई यह है कि उर्दू एक भारतीय भाषा है, जो मेरठ और उसके आसपास के क्षेत्र से आई है।” अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम आदित्यनाथ को उर्दू नहीं आती, लेकिन वह सिर्फ गजल सुनने में रुचि रखते हैं।

संगम जल को लेकर जारी इस सियासी घमासान के बीच अब देखना होगा कि बीजेपी नेता अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब देते हैं या नहीं।

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