नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए लंबे समय से चल रहा सस्पेंस आज खत्म हो जाएगा। बीजेपी विधायक दल की बैठक बुधवार शाम 6:30 बजे होने वाली है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। 20 फरवरी को रामलीला मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई दिग्गज नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
सीएम पद के लिए कौन हैं दावेदार?
दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में लौटी बीजेपी ने अब तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, पार्टी के अंदरखाने कुछ नामों पर चर्चा जोरों पर है। सीएम पद के प्रबल दावेदारों में प्रवेश वर्मा, रेखा गुप्ता, आशीष सूद, विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किसी ऐसे चेहरे को आगे ला सकता है, जो दिल्ली की सामाजिक संरचना को संतुलित करे।
क्या महिला चेहरा बनेगा दिल्ली का मुख्यमंत्री?
बीजेपी के पास इस वक्त 20 राज्यों में सरकार है, लेकिन किसी भी राज्य में महिला मुख्यमंत्री नहीं है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली को पहली महिला मुख्यमंत्री मिल सकती है। रेखा गुप्ता का नाम इस दिशा में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा, दिल्ली में पूर्वांचली वोटर्स की बड़ी संख्या को देखते हुए इस समुदाय के किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है।
शपथ ग्रहण की भव्य तैयारियां
20 फरवरी को रामलीला मैदान में सुबह 11:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके लिए भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसमें करीब 50,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों, साधु-संतों, झुग्गी-झोपड़ी निवासियों और ‘लाड़ली बहना’ योजना की लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है।
AAP और बीजेपी में तकरार जारी
सीएम पद के ऐलान से पहले ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। AAP के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी बिना दूल्हे के बारात निकाल रही है। इस पर पलटवार करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जनता ने भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ वोट दिया है, इसलिए AAP अब निराशा में बेतुकी बयानबाजी कर रही है।
बैठक के बाद होगा नाम का ऐलान
बीजेपी की विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाएगा, जिसके बाद पार्टी उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के पास सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। दिल्ली की जनता को अब सिर्फ कुछ घंटों का इंतजार करना होगा कि राजधानी की कमान किसके हाथों में जाएगी।




